बेतिया से बॉलीवुड के सफर मनोज बाजपेयी खातिर आसान ना रहल

बेतिया से बॉलीवुड के सफर मनोज बाजपेयी खातिर आसान ना रहल

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Posted: June 7, 2021
Category: सिनेमा
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जन्मदिवस विशेष: 23 अप्रैल 1969


लेखक- मनोज भावुक 

कुछ लोग के ज़िन्दगी के कहानी स्वेट मार्डेन, शिव खेड़ा, नेपोलियन हिल आदि के प्रेरक पुस्तक से कम रोचक आ मोटिवेशनल ना होला। कोरोना काल में अइसने कहानियन के जरूरत बा जे गहन निराशा में आशा के किरण जगावे।

कहल जाला कि मन में हिम्मत होखे आ अपना लक्ष्य खातिर जुनून होखे त कवनो रास्ता पहाड़ नइखे। पश्चिमी चंपारण के एगो छोट गाँव बेलवा के रहे वाला लइका बॉलीवुड के एगो श्रेष्ठ अभिनेता बन गइल, एकरा  पीछे अथक मेहनत आ अटूट लगन के हाथ बा। एह बिहारी अभिनेता के नाम ह मनोज बाजपेयी जे सामान्य किसान परिवार से होखला के बादो फिल्म अभिनेता बनला के फ़ैन्सी सपना ना खाली देखलें बल्कि ओकरा के पूरो कइलें। 23 अप्रैल 1969 के मनोज बाजपेयी के जन्म भइल। मनोज अपना पाँच भाई बहिन में दुसरा नंबर के संतान हवें। उनके शुरुआती पढ़ाई गाँवे के प्राथमिक विद्यालय से आ हाईस्कूल के पढ़ाई के. आर. हाईस्कूल बेतिया से भइल।

मनोज 1986 में 17 साल के उमिर में दिल्ली पढ़े आ गइलें। बचपन से अभिनेता बने के शौख उनका मन में रहे, एही से इहाँ आके थियेटर से जुड़ गइलें। उनकर नाम मनोज भी ओ बेरा के हिट फिल्म कलाकार मनोज कुमार के नाम पर रखाइल रहे आ मन में कलाकार बने के अरमानों मचलत रहे त थियेटर के प्रति झुकाव स्वाभाविक रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करत समय मनोज के जान पहचान थियेटर के दुनिया के बड़ बड़ लोग से हो गइल। तबे उनका पता चलल कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में अभिनय के बेहतरीन प्रशिक्षण होला। उ ओह में दाखिला खातिर लगातार कोशिश कइलें, बाकिर तीन बेर असफल भइलें। मनोज एकदम निराश हो गइल रहलें। बने के अभिनेता रहे आ रास्ता मिलते ना रहे। लाइफ लाइन के तलाश जारी रहल। एह अन्हरिया सफर में भेंटइले रघुबीर यादव (प्रसिद्ध अभिनेता)। उनका सलाह पर मनोज मशहूर अभिनय कोच बैरी जॉन के थियेटर कंपनी जॉइन कs लेहलें। शाहरुख खान भी बैरी जॉन किहाँ से अभिनय के कोचिंग लेले बाड़ें। थियेटर के दिन में मनोज आ शाहरुख के मुलाकात भी भइल रहे। मनोज बाजपेयी ए थियेटर कंपनी के साथे कई गो प्ले कइलें अउरी साथ ही अपना अंग्रेजी भाषा के कॉम्प्लेक्स के दूर कइलें। एगो इंटरव्यू में उ बतवलें कि बिहार से आवे वाला अक्सरहा युवक अंग्रेजी से घबड़ाला। हमरा भी बहुत चिंता होखे कि हम कइसे बढ़िया अंग्रेजी बोलीं। कुछ दोस्त लोग के मदद से अंग्रेजी भाषा पर कमांड कइनी आ आज उ काम देता ।

ओही थियेटर के दिन में मनोज बाजपेयी चौथा बार एनएसडी में दाखिला खातिर फेर कोशिश कइलें। एह बेरी उहाँ बोर्ड में बइठल लोग इनका के चिन्हत रहे आ इनका प्रतिभा के मुरीद रहे। उ लोग कहल कि मरदे, अब तू सीखे ना सिखावे आवs.  मनोज गइल रहलें ओहिजा चेला बने आ उनके गुरु बने के नेवता मिल गइल। बाकिर उ मना क दिहलें। उनके अभिनय चलत रहल। साल 1994 में गोविंद निहलानी ओमपुरी आ नसीरुद्दीन के लेके फिल्म बनावत रहलें। उ मनोज के एक मिनट के एगो छोट रोल में कास्ट कइलें आ ई रहे भविष्य के एगो चमकत फिल्म सितारा के पहिला पर्दा-पदार्पण। ओही साल मशहूर फिल्मकार शेखर कपूर कुख्यात डाकू फूलन देवी के जीवन पर फिल्म ‘बैन्डिट क्वीन’ बनावत रहलें आ उनके फिल्म में टाइटल रोल के समानांतर भूमिका खातिर एगो अइसन नवयुवक के तलाश रहे जे कुशल अभिनेता होखे। मनोज के मित्र आ ओह फिल्म के कास्टिंग कर रहल तिग्मांशु धूलिया शेखर कपूर से मनोज के नाम सुझवलें। मनोज बाजपेयी के मामला लगभग सेट हो गइल, तले कुछ दिन बाद उनके रोल में निर्मल पाण्डेय के कास्ट कर लिहल गइल। मनोज के हिस्से एगो छोट रोल आइल बाकिर ई रोल उनके अभिनय क्षमता प्रमाणित करे खातिर काफी रहे।

कुछ समय बाद मनोज बाजपेयी मुंबई के रुख कर देहलें आ उहाँ उनकर संघर्ष के असली दौर शुरू भइल। बाकिर उनके दिल्ली के कुछ मित्र मुंबई में पहिले से रहलें आ स्थापित होत रहलें। एहीसे उनके मुंबई फिल्म उद्योग में घुसे में मदद भी मिलल। मनोज अपना मित्र सौरभ शुक्ला के साथे मुंबई में आपन शुरुआती दिन गुजरलें। एगो साक्षात्कार में एगो रोचक किस्सा बतवलें कि उ लोग संघर्ष के दिन में अभिनय के लगातार माँजत रहल लोग। केहू भी मित्र आवे त मुर्गा आ मटन पार्टी होखे अउरी मनोज एकरा बदले में आपन कुछ रिहर्सल कइल सीन देखावस।

मनोज के 1995 में महेश भट्ट के टीवी शो स्वाभिमान मिलल। ओह में हालांकि मनोज के छोट रोल रहे लेकिन उ एतना लोकप्रिय भइल कि उनके रोल दू साल से ऊपर तक शो में चलल। एकरा बाद उनके रामगोपाल वर्मा से मुलाकात भइल, जब उ एगो कॉमेडी फिल्म दौड़ के कास्टिंग करत रहलें। रामू उनके प्रतिभा देख के एतना प्रभावित भइलें कि उनके कहलें कि हेतना छोट रोल तहरा लायक नइखे। हम तोहरा के अगिला फिल्म में बड़हन रोल देम। मनोज के पैसा के गरज रहे एहीसे उ रोल कइलें। बाकिर रामू अपना वादा मुताबिक अगिला फिल्म सत्या में हीरो के समानांतर भीकू म्हात्रे नाम के गैंगस्टर के रोल दिहलें। ई रोल अउरी फिल्म एतना हिट भइल कि मनोज बाजपेयी पूरा देश में मशहूर हो गइलें। ई फिल्म बहुत सफल भइल आ मनोज के अभिनय के भूरी भूरी प्रशंसा भइल। मनोज के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलल। एही जा से मनोज बाजपेयी के बढ़िया फिल्म मिले लागल। कुछ साल में उनके शूल, कौन, अक्स, जुबैदा, दिल पे मत ले यार आइल। ई फिल्मन में मनोज बाजपेयी के मुख्य भूमिका रहल आ उनके अभिनय के बड़ा तारीफ भइल। बाकिर मनोज बाजपेयी के फिल्मन के बिजनेस कवनो खास ना रहल।

मनोज 2010 तक के पीरियड में कई गो फिल्मन में नजर अइलें बाकिर उनकर मुख्य भूमिका रहल फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल ना देखा पवली सन। एही से पता चलता कि हिन्दी फिल्म दर्शकन के केतना दुर्भाग्य बा कि उ बढ़िया कलाकारन के कबो कैश ना करेला आ लिपल पुतल तथाकथित स्टार चेहरा पर छिछिआइल रहेला। साल 2010 में प्रकाश झा के मल्टीस्टारर राजनीतिक फिल्म राजनीति रिलीज भइल आ फिल्म सुपरहिट भइल। एह में मनोज के नेगटिव रोल के बहुत प्रशंसा भइल। फेर साल 2012 में फिल्म आइल गैंग्स ऑफ वासेपुर आ उनके किरदार सरदार खान अमर हो गइल ओइसहीं जइसे भीकू म्हात्रे। मनोज बाजपेयी ओइसे भी घर घर में पहुँच चुकल रहलें, एह फिल्म के बाद वाली पीढ़ी के भी स्मृति में बस गइलें। साल 2016 में उनके फिल्म ‘अलीगढ़’ रिलीज भइल जेके चारु ओर खूब तारीफ भइल, एक बार फेर मनोज अपना अभिनय से सभके चकित कर देहलें। उनके एकरा खातिर प्रतिष्ठित एशिया पेसिफिक स्क्रीन अवॉर्ड से नवाजल गइल। साल 2018 के फिल्म गली गुलेयां भी मनोज बाजपेयी के फिल्मोग्राफी के बेहतरीन फिल्म ह। एह फिल्म के देश विदेश में खूब तारीफ मिलल।

साल 2019 मनोज बाजपेयी खातिर बढ़िया साल रहल। एही साल उनके पद्म श्री के उपाधि मिलल आ एही साल उनके फिल्म भोंसले रिलीज भइल जे में उ टाइटल रोल कइलें। पिछला साल फिल्म भारत में भी ओटीटी पर प्रदर्शित भइल। ई फिल्म देश विदेश में खूब नाम कमइलस। साल 2021 में उनके भोसले फिल्म खातिर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार मिलल ह।

मनोज बाजपेयी के अमेजॉन प्राइम पर रिलीज भइल शो द फैमिली मैन के बड़ा प्रसिद्धि मिलल आ उ शो सुपर डुपर हिट रहल। उनके फिलहाल जीफाइव पर साइलेंस नाम के थ्रिलर ड्रामा रिलीज भइल बा आ जलदिए द फैमिली मैन के अगिला सीरीज रिलीज होखे वाला बा।

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