भोजपुरी सिनेमा में माई

भोजपुरी सिनेमा में माई

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Posted: September 20, 2021
Category: सिनेमा
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मनोज भावुक

भोजपुरी सिनेमा में माई के अहमियत दर्शावे वाला कई गो फिलिम बनल बा। भोजपुरी फिलिम अक्सर गांव के कहानी पर केन्द्रित रहेला। गांव में रिश्तन के कद्र आजुओ शहर से ज्यादा बा। एही से भोजपुरी फिलिम में माई के रोल भले तनी कम होखे, बाकिर रहेला जरूर।

हम इहां भोजपुरी सिनेमा में माई अउर भोजपुरी स्टार के ऑनस्क्रीन आ ऑफस्क्रीन माई के बात करे जा रहल बानी। माई के का-का योगदान बा अपना बेटा चाहे बेटी के हीरो-हीरोइन बनावे में, एहू पर चर्चा करब। इहो बताइब कि भोजपुरी सिनेमा में कवना तरह के माई गढ़ल जात रहल बाड़ी। साथहीं कुछ अइसन माई के भी जिक्र करब जे खुद भोजपुरी फिलिम के अभिनेत्री बाड़ी, माई बनत बाड़ी आ अपना बेटियो के हीरोइन बना देले बाड़ी। कबो-कबो त उ खुद अपना बेटियो के माई बनत बाड़ी। त ऑफस्क्रीन माई के ऑनस्क्रीन माई बनला पर ओकर संतान केतना सहज या असहज रहेला, इहो जानल दिलचस्प होई। भोजपुरी के सुप्रसिद्ध अभिनेत्री अक्षरा सिंह के माई नीलिमा सिंह भी भोजपुरी सिनेमा में काम करेली अउर बहुत सारा फिलिमन में उ माई के रोल कइले बाड़ी। नवोदित अभिनेत्री काजल यादव के माई माया यादव भी भोजपुरी सिनेमा के पुरान आर्टिस्ट बाड़ी अउर बहुत सारा फिलिमन में उहो माई के रोल कइले बाड़ी।

भोजपुरी सिनेमा में भी सब भाषा के सिनेमा जइसन अधिकतर फिलिम में माई के भूमिका गढ़ल जाला लेकिन भोजपुरी में माई के कई गो रूप नइखे देखावल गइल। अमूमन भोजपुरी फिलिमन में माई के किरदार गढ़त समय कुछ विशेष पैटर्न के इस्तेमाल कइल जाला, जे कि किरदार के स्कोप कम करके ओकरा के स्टीरियोटाइप बना देला, जइसे कि भोजपुरी फिलिम में माई, बाबूजी के मर गइला के बाद लाचार विधवा बन जाली, फेर आपन पति के कातिलन से बदला लेवे खातिर अपना बच्चन के तइयार करेली। कबो माई मूक-दर्शक बनके अत्याचार सहत-सहत तलवार उठा लेली, लेकिन ई ओही परिस्थति में होला जब उनका पास उनकर हीरो बेटा ना होला। अगर फिलिम के कहानी में माई अउर बाबूजी दूनो जिंदा बाड़न त माई उहां मात्र एगो फिलर के रूप में रहेली। हालांकि कई गो फिलिम अइसन बनल बा, जेकरा के मदर इंडिया के लीक पर बनल मानल जा सकता, जइसे कि राम बाबू के बनावल फिलिम ‘माई’ जे सन् 1989 में बनल रहे। ई फिलिम माई के केंद्र में रख के बनावल गइल रहे। एह फिलिम में एगो माई अपना बच्चन खातिर संघर्ष करत बाड़ी।

भोजपुरी फिलिमन के माई ओतना प्रगतिशील नइखी, जेतना कि दूसर भाषा के फिलिम के माई। दूसर भाषा के फिलिमन में जहां बेटी के शिक्षा खातिर उ अपना पति अउर पूरा समाज से लड़ जाली, पन्ना-धाय के तरह बलिदानी होखेली, त कबो अइसन बागी बन जाली, जे अपना बच्चन के खुशी खातिर अपना घर-परिवार के छोड़ के अकेले निकल जाली, उहें भोजपुरी फिलिमन में माई के अइसन संघर्ष आ जीवटता दुर्लभ बा। जबकि असल जिनगी में हमनी के समाज में अइसन त्याग बाटे। भोजपुरी फिलिम इंडस्ट्री में बरिसन से माई के किरदार करे वाली कुछ अभिनेत्री लोग से हमार बात भइल। आईं ओह बात के रउआ लोग से साझा करत बानी।

बंदिनी मिश्रा -

सन् 1984 में आइल फिलिम ‘पान खाए सइयां हमार’ में हीरो सुजीत कुमार के साथे हीरोइन के भूमिका से डेब्यू करे वाली बंदिनी मिश्रा बाद के फिलिमन में माई के सफल किरदार निभवले बाड़ी। बकौल बंदिनी उ अभी ले 70 के करीब भोजपुरी फिलिम कऽ लेले बाड़ी, जेकरा में माई के भूमिका वाला कई गो रोल रहल बा। उनका माई के किरदार वाला कुछ फिलिमन में खून पसीना, बारूद, सात सहेलियां अउर दीवाना प्रमुख बा। दीवाना फिलिम के गाना ‘तोहरा में बसेला परनवा’ अउर सात सहेलियां के ‘माई हऊ माई बुझऽ माई के दरदिया’ इनका पर फिल्मावल खूबसूरत गाना बा।

पुष्पा वर्मा -

100 गो से ऊपर भोजपुरी फिलिम करे वाली पुष्पा वर्मा के माई के भूमिका निभावे खातिर भोजपुरी के ‘निरूपा रॉय’ भी कहल जाला। उ भोजपुरी के तकरीबन हर बड़का कलाकार के साथे काम कर चुकल बाड़ी। उनका माई के मजबूत किरदार वाला कुछ फिलिम में ‘माई के चरनिया में चारो धाम’, मनोज तिवारी के फिलिम ‘देहाती बाबू’ अउर ‘दामाद जी’, पवन सिंह के फिलिम ‘देवरा बड़ा सतावेला’ अउर ‘प्रतिज्ञा’ बाटे।

 

माया यादव -

साल 2001 में रवि किशन के फिलिम ‘सइयां हमार’ से आपन करियर के शुरुआत करे वाली माया यादव फिलिम में भाभी अउर माई के किरदार खूब निभवले बाड़ी। नवोदित अभिनेत्री काजल यादव माया यादव के ही बेटी हई। पुरनका भोजपुरी फिलिमन के प्रसिद्ध अभिनेत्री माधुरी मिश्रा उनका के भोजपुरी फिलिम में काम करे के सलाह देले रहली। बकौल माया, उ अभी तक 250 से ऊपर फिलिम कर चुकल बाड़ी, जेकरा में माई के दमदार रोल वाला सराहनीय फिलिमन में दिनेशलाल यादव निरहुआ के ‘दिलेर’ अउर ‘बिदेसिया’, खेसारीलाल के ‘लाडला’, विराज भट्ट के फिलिम ‘आंधी और तूफान’ उल्लेखनीय बा। फिलिम ‘लाडला’ के एगो गाना उनका पर फिल्मावल गइल रहे, जवन कि ओ बेरा खूब चलल रहे। गाना के बोल रहे ‘ममता के अनमोल खजाना कबो ना दिल से तेजे,  कुहुकेला हरदम बेटा खातिर माई के करेजा।’

 

नीलिमा सिंह -

मशहूर भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के माई नीलिमा सिंह भी भोजपुरी फिलिमन में माई के कई गो किरदार निभवले बाड़ी। हालांकि उनकर नेगटिव किरदार ज्यादा मशहूर रहल बा। उ हिट टीवी शो ‘निमकी मुखिया’ में अनारो देवी के रोल खातिर भी जानल जाली। बकौल नीलिमा, उ अभी ले भोजपुरी में 50 से अधिक फिलिम कर चुकल बाड़ी। उनका माई के रोल वाला कुछ चर्चित अउर बढ़िया फिलिम में, ‘उगऽ हो सूरुज देव’, ‘बिदाई’, ‘आज के करण अर्जुन’ अउर ‘ससुराल’ रहल बा जवन कि उनका किरदार के चलते भी खूब चलल रहे। फिलिम ‘उगऽ हो सूरुजदेव’ में उनका ऊपर एगो गाना ‘अनमोल रतन धन’ फिल्मावल बा जेकरा में माई के ममता के सुंदर रूप देखावल गइल बा।

किरण यादव -

साल 2003 में कुणाल सिंह के फिलिम ‘कन्यादान’ से आपन करियर शुरू करे वाली किरण यादव भी माई के दमदार रोल निभवले बाड़ी। निरहुआ के अधिकांश फिलिम में माई के रोल करे वाली किरण यादव मनोज तिवारी के फिलिम ‘दरोगा बाबू आई लव यू’ में पहिला बार माई के रोल कइले रहली। उ लाचार माई से लेके वंश खातिर कवनो हद तक जाये वाली माई के भूमिका निभवले बाड़ी। फिलिम ‘लहू के दो रंग’ में उनकर किरदार उनका सबसे ज्यादा पसंद बा काहे कि ओकरा में औरत के डोली से ब्याह के अइला से लेके अर्थी पर अंतिम यात्रा तक के कहानी बा। एकरा अलावा फिलिम ‘कच्चे धागे’ में कुटिल सौतेली माई जे बाद में कोमल हो जात बाड़ी, के भी लोग खूब पसंद कइले बा। ‘बेटा’ फिलिम में जेल में एगो बच्चा के पैदा करे वाली माई के संघर्ष भी उनका दिल के बहुते करीब बा। निरहुआ के फिलिम ‘जिगरवाला’ में उनका पर फिल्मावल गइल गाना ‘अमृत के धार’ काफी सुंदर बन पड़ल बा।

 

Read More: http://humbhojpuria.com/e-patrika/1-31-july/

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