बैरी चीन की गलवान पे नजरिया 

बैरी चीन की गलवान पे नजरिया 

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Posted: October 12, 2021
Category: कविता
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डा० नीलिमा मिश्रा 

(एक)

बैरी चीन की गलवान पे नजरिया

बैरी चीन की गलवान पे नज़रिया ई हमका बेइमान

लागेला ।

पाकिस्तान की कसमीर  पे नज़रिया ई हमका

सैतान लागेला ।।

 

उबलत बानी खून रगन में  सुनला ई  हुंकार ।

वीर देस के  सेर सरीखे जिन करिहा तकरार ।।

भड़की ज्वाला हमरे सीने में बिजुरिया

ई हमका तूफान लागेला ।

बैरी चीन की गलवान मे नज़रिया ई बड़ा बेइमान

लागेला ।।

 

फहरााइब हम अपन तिरंगा अब बीजिंग में जाकर ।

दिल्ली की सरकार से टक्कर जिन लेहलू तू आकर ।।

दस के बदले लेइब  चालीस की खबरिया

ई हमका इमतिहान   लागेला ।

बैरी चीन की गलवान पे नज़रिया ई हमका बेइमान

लागेला ।।

 

भगतसिंह सुखदेव राजगुरू सब दिनलिन  कुरबानी ।

दुर्गा मैया जैसन रहलीं  झाँसी वाली रानी ।।

हल्दीघाटी वाली याद करीं डगरिया

ई हमका स्वाभिमान लागेला

बैरी चीन की गलवान पे नज़रिया ई हमका

बेईमान लागेला

 

( दू )

जागा-जागा भारतवासी 

 

जागा-जागा भारत वासी, सुना लगाके कान ।

मांगत बाटे देश की माटी , तोहरा बालि दान ।।

 

वीर बहादुर घर से निकला, हो जाईं तैयार।

सन बासठ के बदला ख़ातिर, कर दुश्मन पे वार।

याद करा तू आपन सगरो गौरव के इतिहास ।

हिम्मत कइके आगे बढ़ तू मन में धर विसवास।।

नेताजी सुभाष के निसदिन,करें सभी गुणगान ।

जागा जागा भारत वासी, सुना लगाके कान ।।

 

याद करा हल्दीघाटी की राणा की हुंकार ।

झाँसी वाली रानी की भी,याद करा तलवार ।।

भगतसिंह सुखदेव राजगुरू, वीर दिए बलिदान ।

जय- जय भारत माँ की, कइके दीन्हेन अपनी जान ।

जागा जागा भारत वासी, सुना लगाके कान ।

 

संगम के माटी की गाथा, लिख दीन्हें आजाद ।

गोली के आवाज़े से गूंजा, सगरा इलाहाबाद ।।

वापिस हमका चाही तिब्बत,और पाक-  कश्मीर ।

सीमा पे फहराओ तिरंगा ,ओ बाँके रणवीर ।।

हर शहीद के कुरबानी के, क़ीमत ला पहिचान।

जागा जागा भारत वासी, सुना लगाके कान ।

 

विश्व गुरू भारत कहिलाए, ऊँचा कइके माथ ।

चलें देश के  बच्चा-बच्चा, झंडा लइके हाथ ।।

बीजिंग तक पहुँचावा भइया, दिल्ली के ललकार ।

आर -पार की होई लड़ाई ,अबकी बल भर वार ।।

एक वीर के बदले लेइबे ,हम  सौ-सौ की जान ।

जागा जागा भारत वासी, सुना लगाके कान ।।

 

जय-जय-जय- जय बोलो मिलिके, भारत देश महान ।

धन्य-धन्य भारत की भूमि, भारत की संतान ।।

 

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