राउर पाती

September 12, 2020
राउर पाती
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शानदार आ जानदार अंक

हम भोजपुरिआ के 14वां अंक पढ़ के बड़ा ही सुकून मिलल। राम मंदिर के भूमि पूजन पर आधारित आलेख समीचीन आ प्रासंगिक रहे। लेखक के बहुत धन्यवाद। साथे साथ भोजपुरिआ समाज आ साहित्य जगत के नामी अउर दिग्गज लोगन के बारे में पढ़ के काफ़ी  ज्ञानवर्धन भइल। इ लोग के बारे में एतना बढ़िया ढंग से कहीं भी अब तक सामग्री ना मिलल रहे।  एह ला संपादक जी के बहुत-बहुत धन्यवाद।

पत्रिका के सबसे खास बात ओकर भोजपुरी सिनेमा के इतिहास पर जवन धारावाहिक नुमा श्रृंखला चल रहल बा उ सबसे बेजोड़ बा।  उ पत्रिका के हर अंक के धरोहर बना रहल बा।  एगो पाठक के नाते हम सबसे पहिले एही कॉलम के पढ़ी ला। एतना शानदार सामग्री खातिर लेखक महोदय के बधाई बा । मोती बी. ए. पर आलेख पढ़ के मन तृप्त हो गइल। अदभुत लेख रहे । कुल मिला के इ अंक शानदार आ जानदार रहे । पत्रिका के नाम परिवर्तन के निर्णय अच्छा बा । उम्मीद बा पत्रिका आपन सामग्री आ कलेवर से समझौता ना करी । एक बार पुनः पूरी सम्पादकीय टीम के बहुत-बहुत बधाई ।

     राजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ शिक्षक एवं लेखक, अलख नारायण सिंह उच्च विद्यालय, एकमा, सारण, बिहार

 

ई पत्रिका भोजपुरी के एगो जंक्शन आ जुटान बा

आजु अपनिए देश मे तमिलनाडु के लोग तमिल सुन के बहि बहि जाता, गुजरात के लोग गुजराती में बतिया के गह-गह हो जाला, बंगाल के लोग बंगाली में बतियावेला त चह चह हो जाला। अइसन नइखे कि हमनी भोजपुरिआ लोग भोजपुरी सुन के भावुक ना होनी बाकिर अबहिनों भोजपुरी साहित्य आ लेखन में गंभीरता के कमी बुझाता। फिलिम होखे चाहे कविता ओमें अश्लीलता के पुट डाल दिहल जाता। अइसन माहौल में हम भोजपुरिआ एगो बड़हन काम कर रहल बा।

एक दिन मोबाइल पर एने ओने ओल्हा-पाती खेलत में ‘हम भोजपुरिआ ‘ के ई टटका अंक भेटाइल। लगनी पढ़े त पढ़ते गइनी, तबले पढ़नी जब ले आँखी में पानी ना आ गइल। उ पानी आँखिगड़ी के ना रहे ई उ दिवंगत भोजपुरी रचनाकार लो के दुर्दशा के कारन रहे जिनके साफे भुला दिहल गइल बा। ‘हम भोजपुरिआ ‘ दिवंगत साहित्यकार लोग पर अद्भुत काम कर रहल बा। सामग्री संयोजन खातिर हम संपादक जी के दृष्टि के सलाम कर रहल बानी। ब्रज भूषण मिश्र जी ऐतिहासिक काम कर रहल बानी।

सब लेख एक से बढिके एक बा। प्रकाश उदय जी अपनी आलेख में त मोती बीए जी के भितरी ले पहुचा दिहनी। भावुक जी के भोजपुरी फ़िल्म के इतिहास पढ़ के लड़िकाई में देखल आ सुनल गीत मन मे गूंजे लागल बा। संपादकीय भी भावुक क देता।

ई पत्रिका भोजपुरी के एगो ‘महाभियान’ बा, एगो जंक्शन आ जुटान बा। हमरी ओर से अनघा शुभकामना आ बधाई।

सूर्येन्दु मिश्र, ‘ सूर्य‘  वरिष्ठ प्राध्यापक, अलख नारायण सिंह, हाईस्कूल, एकमा

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