युद्धकाल के कुछ बेहतरीन फिल्म

युद्धकाल के कुछ बेहतरीन फिल्म

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Posted: May 6, 2022
Category: सिनेमा
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मनोज भावुक

लगभग एक महिना त निगिचाइले बा। ना केहू झुके खातिर तैयार बा, ना रुके खातिर। यूक्रेन के तरफ से साफ संकेत बा कि उ आत्मसमर्पण ना करी। मैरियूपोल में चल रहल भीषण जंग में भी यूक्रेन के सेना हथियार डाले से इंकार कर देले बा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के कहनाम बा कि, उ पुतिन से बातचीत खातिर तैयार बाड़न, लेकिन अगर ई बातचीत फेल भइल त तीसरा विश्व युद्ध होई।

कई दौर के वार्ता आ पश्चिमी देशन के दखल के बादो रूस हमला प हमला करिए रहल बा। रूस के हमला से यूक्रेन थर्रा उठल बा। कई गो शहर तबाह हो गइल बा। तबो जेलेंस्की के युद्ध विराम खातिर रूस के अल्टीमेटम स्वीकार नइखे।

एने रूस के सैनिक अब एह जंग में पस्त हो चुकल बाड़न। निराश-हताश सैनिक अब अपना घरे लौटे के चाहत बाड़न। एकरा खातिर उ खुद के गोलियो मारे खातिर तैयार बाड़न। उ यूक्रेन के बंदूक से अपना गोड़ में खुदे गोली मारके इलाज के बहाने अपना घरे वापस लौटे के प्लान बनावत बाड़न काहे कि युद्ध से भगोड़ा सैनिक खातिर त पुतिन के 'डेथ स्क्वाड' तैयारे खड़ा बा।  रूस के एह सैनिकन के हालत पर हमरा आपने एगो शेर मन परता –

पानी के बाहर मौत बा, पानी के भीतर जाल बा

लाचार मछरी का करो जब हर कदम पर काल बा ।।    

राजा के बउरइला पर प्रजा के भोगहीं के पड़ेला। इहाँ त एने कुआं त ओने खाई वाला हाल बा।  यूक्रेन में पकड़ाइल रूसी सैनिक त अब अपना लोगन से पुतिने के खिलाफ आवाज उठावे के अपील कर रहल बाड़न। रउरा सब के त मालूमे बा कि यूक्रेन पर हमला के तुरंते बाद रूस में बड़हन संख्या में लोग युद्ध के विरोध में सड़क पर उतर आइल रहे। बाकिर अब त यूक्रेन के सड़क खूने-खून हो गइल बा आ चीख-पुकार, चीत्कार, घुटन-क्रंदन, हताशा, निराशा आ दहशत दुनों देश में चरम पर बा आ रजवा माने खातिर तइयारे नइखन स। पता ना ई युद्ध कहाँ जाके विराम ली।

ई सब कुछ बड़ा वीभत्स चल रहल बा। युद्ध आ हिंसा कबो अमन चैन ना लेआवेला। ना दोस्त के घर में, ना दुश्मन के घर में। विश्व भर में लड़ल गइल युद्ध के ऊपर कई गो उत्कृष्ट फिल्म बनल बाड़ी सन। जदी रउआ उ फिल्मन के देख लीं त बुझाई कि इंसान शक्ति पावे खातिर केतना आन्हर होला कि उ मानवो  जाति के खून बहावे में हिचक ना करेला। युद्ध के पहिले से लेके युद्ध के बेरा आ ओकरा बाद के भीषण त्रासदी के जवन चित्रण एह फिल्मन में भइल बा, लोग के जरूर देखे के चाहीं। हालांकि ई देखल बड़ा दर्दनाक होला, बाकिर ई सोचीं कि अइसन सच में झेलल केतना ज्यादा कष्टकर होत होई।

युद्ध काल के ऊपर बनल फिल्मन के लिस्ट में कुछ बेहतरीन फिल्मन के देखीं।

रैन

पहिला नाम बा ‘रैन’। ई जापानी फिल्म ह अउरी उहाँ के सबसे महंगा फिल्म भी मानल जाला। 1985 में रिलीज भइल ई फिल्म महान फिल्म निर्देशक अकिरा कुरोसावा के बेहतरीन फिल्मन में से एगो बा। एकरा के कई गो पोर्टल सबसे बेहतरीन वार फिल्म मानेले। ई फिल्म के बनावे में अकिरा के सगरो कुछ दांव पर लाग गइल। एह फिल्म के कहानी रहे एगो योद्धा मोरी मोन्टारी के। मोरी आपन राज के तीन हिस्सा करके आपन तीनू बेटन में बाँटे के चाहत बा। बाकिर तीसरा बेटा ई सब के पक्षधर नइखे। ओकर दू गो बेटा जबकि जमीन अउरी सत्ता खातिर पूरा राज्य के आग में झोंक देत बाड़ें। सगरो इंसान आ जानवर के युद्ध में झोंक के, जब अंत में वीरान अउरी ढहल राज्य लउकत बा, चारु ओर लोगन के खून के तालाब लउकत बा त ओ युद्ध के पक्षधरन के बुझात बा कि ई लड़ाई केकरा खातिर भइल अउरी का मिलल आखिर एकरा से। ई फिल्म रउआ अमेजन प्राइम पर देख सकिलें।

1917



हॉलीवुड के फिल्म ‘1917’ अपना कथानक अउरी प्रोडक्शन डिजाइन (कहे के माने फिल्म के सेट, गेटअप, माहौल) एतना कलात्मक अउरी बेहतरीन रहे कि ई एगो उत्कृष्ट युद्ध फिल्म मानल जाला। ई फिल्म में दू गो अभागा सिपाहियन के कहानी बा। प्रथम विश्व युद्ध के जर्मन सेना के आगे लड़े वाला योद्धा कुल के बारे में एगो गुप्त सूचना मिलत बा। इहे दुनू सिपाही ओ आपन कम से कम 1600 साथियन के बचावे खातिर पल पल मौत से सामना करत जा तारें। ई फिल्म देखला पर बुझाई कि युद्ध काल में कइसे हर पल मौत अउरी त्रासदी मुंह खोल के खड़ा रहेले। एकर निर्देशक सैम मेन्डेस बाड़ें। एकरो के रउआ अमेजन प्राइम पर देख सकीलें।

 

 

 

सेविंग प्राइवेट रयान



‘सेविंग प्राइवेट रयान’ 1998 के फिल्म ह, महान निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग के बनावल। ई फिल्म में कई गो अलग कथानक एक साथे मिला के सेना के जवानन के संघर्ष अउरी बलिदान के कहानी बतावल गइल बा। ई फिल्म के चर्चा अक्सर विश्व भर में बनल महान युद्ध फिल्म के रूप में कइल जाला। जब कप्तान मिलर अपना साथियन के साथे जर्मन फोर्स से सामना करे जात बाड़ें, ओही के इर्द गिर्द ई फिल्म बनल बा। ई फिल्म रउआ अमेजन पर देख सकीलें।

 

 

 

 

कुछ भारतीय बेहतरीन फिल्म जवन युद्ध के इर्द गिर्द बनल बा -

बॉर्डर



एह में सबसे पहिला नाम त जे पी दत्ता के बॉर्डर बा। ई फिल्म हमरा बुझाता रउआ सभे देखले होखब। ई भारत अउरी पाकिस्तान के बीच भइल 1971 के युद्ध काल पर आधारित बा। लॉंगेवाला में लड़ल गइल विशाल लड़ाई के ऊपर ई फिल्म आधारित बा। एह युद्ध में भारत जीतल रहे अउरी बांग्लादेश के मुक्त करवले रहे। ई फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना आ जैकी श्रॉफ के मुख्य भूमिका रहे। ई फिल्म रउआ युद्ध के समय होखे वाला त्रासदी के देख सकीलें। ई फिल्म अमेजन प्राइम पर उपलब्ध बा।

 


शेरशाह




पिछला साल आइल शेरशाह भी युद्ध के त्रासदी के ऊपर बनल एगो सुंदर फिल्म बा। ई फिल्म परमवीर चक्र विजेता कैपटेन विक्रम बत्रा के महान बलिदान के ऊपर बनल बा। जब 1999 के कारगिल युद्ध भइल रहे त कप्तान साहब देश खातिर आपन महान कर्तव्य निभवलें अउरी दुश्मन सेना के खदेड़ देहलें। एह में उ शहीद हो गइल रहलें। रउआ ई फिल्म ओ योद्धा के महान बलिदान अउरी युद्ध के बेरा होखे वाला भीषण त्रासदी के समझे खातिर देख सकीलें।

लिस्ट में बहुत फिल्म बा जवन युद्ध के परिणाम चीख-चीख के बतावेला। हम त बस प्रतीक का रूप में कुछ फिल्मन के चर्चा कइनी ह। हर जगह अमन चैन होखे हम त इहे कामना करब, अपना एह शेर के साथे कि -

" अमन वतन के बनल रहे बस,

हवा में थिरकन बनल रहे बस /

इहे बा ख़्वाहिश वतन के धरती,

वतन के कन-कन बनल रहे बस "

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