लड़ाई के हवन कुंड में रूस आ यूक्रेन

लड़ाई के हवन कुंड में रूस आ यूक्रेन

By:
Posted: May 6, 2022
Category: आलेख
Comments: 0

किरण सिंह

अभी कोरोना के कहर से आदमी सम्हरल ना कि  ई दू देसन (रूस आ युक्रेन) के बीच में लड़ाई छिड़ गइल। इ त सभे जानेला कि जंग छिड़ गइला के बाद जीत भले बरियार के हो जाई बाकिर नुकसान अबरा के त होखबे करेला बरियरो के कम ना होखेला। आज दुनिया जतना आगे बढ़ गइल बा लोग तनिको सबुर से काम ली त आरामे आराम बा, बाकिर केकरा के समझावल जाव, सभे लोग त अपने स्वारथ आ अहंकार के तुष्ट करे में लागल बा। अब दू देशो के बीच में लड़ाई भइल त दूगो लोगे नू एकर फैसला कइलस। तनिको दूनो मे से केहुओ अकिल से काम लेले रहित त इ लड़इये ना भइल रहित। एने रूस के राष्ट्रपति पुतिन अपना के जांबाज बुझत रहले ह त युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी ना डेरइले आ अपना देश के जनता के मन में देशभक्ति के भाव जगा के अपना देश यूक्रेन के हीरो बन गइले।

बात अतने रहे कि रूस बड़ भाई होखे के नाते यूक्रेन के अलगा होखला के बादो उनका पर नज़र राखल ना छोड़ले। मतलब कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन नइखन चाहत कि यूक्रेन नाटो के सदस्य बनस। काहे कि उनको त डर बा नू कि कहीं अमेरिका आ अउरी युरोपीयन देश युक्रेन के आपन खुफिया अड्डा मत बना लेवे। ए तरे सोचल जाव त अपना हिसाब से रूसो के कदम सहिये बा।
बाकिर एगो त बात बड़ले नू बा कि अबर होखे चाहे दूबर केहू के घर में केहू ढूकी त ओकरा के भगावे खातिर त हथियार उठावहीं के पड़ी, अगर स्वाभिमान आ देशभक्ति के नज़र से देखल जाई त युक्रेन के राष्ट्रपति सहिये कदम उठवले।

एगो छोट क्लास में कथा पढ़ले रहनी कि एगो हती मूकी चिउंटी बड़का हाथी के सूढ़े में अमा के उनका के तंग क देहलस। अभिये टीवी पर न्यूज देखत रहनी ह कि रूसी सेना कीव के तीन तरफ़ से घेर लिहले बा बाकिर यूक्रेन आर्मी के जवान अउरी उहाँ के जनता जगह-जगह घात लगा के रूसी सेना के काफिला के तहस-नहस क के मुश्किल में डाल देले बा। ई बात अगर पुतिन बूझ गइल रहते त आज ना उनकर सैनिक माराइल रहित आ ना यूक्रेन तबाह भइल रहित।

एही खातिर नू शान्ति के पाठ पढ़ावल जाला। ना बुझाय त रामायण आ महाभारत ग्रन्थे उठा के देख लीहल जाय कि रामो जी युद्ध से पहिले शांति दूत भेजले रहले आ जब रावण ना मनले त उनकर सोना के लंका जर के राख हो गइल। एही तरे कृष्ण जी भी खूब समझवले बाकिर मति हीन दुर्योधन के ना बुझाइल आ राज के संगे आपन मये खानदान लड़ाई के हवन कुण्ड में झोंक के स्वाहा क देहले।

आज सुने में आइल ह कि भारत, फ्रांस आ अउरी देश के बीचवान पड़ला के बाद युक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की रूस से वार्ता करे के तैयार हो गइल बाड़े। हमनी के त भगवान से इहे प्रार्थना करतानी जा कि हे भगवान अबो से इ लड़इया रुक जाव, काहे कि इ लड़ाई में त दूनो देश बर्बाद होते बा बाकिर ओकरा से जुड़ल अउरीयो देश कम ना परेशानी में पड़ल।

यूक्रेन में पढ़े गइल लइका लोग के कतना परेशानी भइल इ त उहे जान तारे। उ त भला होखे मोदी जी के कि सही बेरा पर फैसला लेके लइका लोगन के निकलववले।

यूक्रेन से आइल एगो स्टूडेंट से हम पूछनी कि "काहे ना तहन लोग पहिलहियें आ गइल ह लोग?" त उ कहले कि "का कहीं हमनी के त डेरवावल जात रहे कि गइलs लोग त तहन लोग के फेल क दियाई।" खैर जान बची त लाखोपाये।

अब देखीं कि मोदी जी सांचों ऊ लइका लोगन के डिग्री दियवावतानी आ कि खाली सान्त्वना देवे खातिर कहतानी इ त समये बताई। ए तरी हमनी के मोदी जी से पूरा उम्मीद बा।
फिलहाल त भगवान से हमनी के इहे बिनती करीं जा कि लड़ाई रुक जाव।

Hey, like this? Why not share it with a buddy?

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


About us

भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति  के सरंक्षण, संवर्धन अउर विकास खातिर, देश के दशा अउर दिशा बेहतर बनावे में भोजपुरियन के योगदान खातिर अउर नया प्रतिभा के मंच देवे खातिर समर्पित  बा हम भोजपुरिआ। हम मतलब हमनी के सब। सबकर साथ सबकर विकास।

भोजपुरी के थाती, भोजपुरी के धरोहर, भूलल बिसरल नींव के ईंट जइसन शख्सियत से राउर परिचय करावे के बा। ओह लोग के काम के सबका सोझा ले आवे के बा अउर नया पीढ़ी में भोजपुरी  खातिर रूचि पैदा करे के बा। नया-पुराना के बीच सेतु के काम करी भोजपुरिआ। देश-विदेश के भोजपुरियन के कनेक्ट करी भोजपरिआ। साँच कहीं त साझा उड़ान के नाम ह भोजपुरिआ।


Contact us



Newsletter

Your Name (required)

Your Email (required)

Subject

Your Message