राउर पाती

समै के शब्द-चित्र खींच रहल बा कोरोना विशेषांक कर्मणैव हि संसिद्धिमास्थिता जनकादयः। लोकसङ्ग्रहमेवापि सम्पश्यन्कर्तुमर्हसि॥ कर्म के महत्ता बतावत एह श्लोक के अंतर्निहित महीनी जदी बूझल जाव त मालूम होखी जे जनक जइसन निर्लिप्त, निर्विकार कर्मयोगी अगर परम सिद्ध भइले आ कहइले, त अपना कर्म में निरत भइला में बिचार के लगातार होत उच्चता के कारन। […]

होली पर रिलीज भइल खेसारीलाल आ निरहुआ के फिल्म

लेखक- मनोज भावुक फिल्म जगत में फेस्टिवल पर फिल्म रिलीज करे के फैशन बा। ओकर सम्बन्ध बिजनेश से भी बा। अबकी होली पर खेसारीलाल यादव आ दिनेश लाल यादव निरहुआ के फिल्म रिलीज भइल ह। आईं एह दूनू फिल्मन पर बात कइल जाय।   खेसारीलाल यादव के फिल्म ‘सइयां अरब गइले ना’ कुछ कर गुजर […]

वास्तव में भारत के ‘रत्न’ हईं टाटा

आर.के. सिन्हा रतन टाटा के भारत-रत्न देवे के हाल में सोशल मीडिया में चलल कैंपेन अपने आप में अइसे त कतई गलत ना रहे। पर जे देश भर के रत्न होखे ओकरा भारत रत्न चाहे कोई दोसर पुरस्कार मिले या ना मिले, ओसे का फर्क पड़ता। उ त देश के नायक पहिलहीं से ही बाड़े। […]

फगुनाहट हs कि कोरोनाहट

संपादक- मनोज भावुक परसाल होली पनछुछुर रहे काहे कि भारत में कोरोना वायरस के मामला रफ़्तार पकड़ल शुरू क देले रहे। लोग डेराइल शुरू क देले रहे।  ओकरा बाद स्कूल-कॉलेज बंद भइल, अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर रोक लागल आ ओकरा बाद त मिललो-जुलला प रोक लाग गइल। लाग गइल लॉकडाउन आ सोशल एनीमल सोशल डिस्टेंसिंग के […]

संपादकीय में समाइल कोरोना

संपादक- मनोज भावुक मार्च 2020 में आइल कोरोना महामारी पूरा साल आदमी के अस्तित्व के झकझोरत रहल. अभियो टीस मारते बा. एह दरम्यान बहुत कुछ सोचे-समझे खातिर आदमी मजबूर भइल. हमरो मन में उथल-पुथल रहल. बहुत कुछ पाकल, बहुत कुछ फूटल आ उ संपादकीय के पन्ना पर ओह कालखंड के दस्तावेज के रूप में अंकित-टंकित […]

कोरोना विशेषांक … ताकि सनद रहे

संपादक- मनोज भावुक 3 मार्च ह आज। दिन बुधवार ह। आजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दिल्ली के RR हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन के पहिला डोज लेले हं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, बिहार के मुख्यमंत्री नतीश कुमार, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद […]

सोनवा के पिंजरा में बन्द भइल हाय राम चिरई के जियरा उदास

  लेखक- मनोज भावुक लोकधुन के सफल चितेरा चित्रगुप्त ना खाली भोजपुरी बलुक हिन्दी फिलिम के संगीत के भी अमर सितारा बानी। उहां के जनम 16 नवम्बर 1917 ई0 के बिहार, गोपालगंज जिला के करमैनी नाम के गांव में भइल। स्कूलिंग सिवान आ बनारस में भइल। पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. आ साथे-साथे पत्रकारिता […]

भिखारी ठाकुर: लोक जागरण के संदेश वाहक

  ज्योत्स्ना प्रसाद “नौ बरस के जब हम भइलीं, विद्या पढ़न पाट पर गइलीं वर्ष एक तक जबदल मती, लिखे ना आइल राम गती                                                                     मन में विद्या तनिक न भावत, कुछ दिन फिरलीं गाय चरावत ” भिखारी ठाकुर के विद्या आरम्भ भइल उनका नौ बरीस के भइला पर। बाकिर उनकर पढ़ाई में मन ना […]

गँवई संस्कृति के पोषक जनकवि कैलाश गौतम

जन्मतिथि – 8 जनवरी 1944 पुण्यतिथि – 9 दिसंबर, 2006 डा. पुष्कर   ‘भक्ति के रंग में रँगल गाँव देखा, धरम में, करम में, सनल गाँव देखा। अगल में, बगल में सगल गाँव देखा, अमौसा नहाये चलल गाँव देखा।’  (अमौसा के मेला )   पंक्ति सुनते भा याद आवते कैलाश गौतम जी के चेहरा आ […]

राउर पाती

अइसन पत्रिका त बुक स्टालो प रहे के चाही ‘हम भोजपुरिया’ पत्रिका पढ़ि के मन मुद्रित हो गइल आ हम भावुक हो गइलीं। महतारी भाषा भोजपुरी के सैकड़ों पत्रिका पढ़े के मिलल बाकिर एकरा लेखा नीमन, उहो मल्टीकलर में आ बापू के शोधपरक रचना से भरल साहित्य के एक-एक पन्ना कीमती बा आ दिल के […]