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Hum BhojpuriaMay 6, 20221min290

मनोज भावुक

कश्मीर फाइल्स में लउक बा 32 साल बाद नंगा सच

आज लोग-बाग, मीडिया आ भारते ना बलुक पूरा दुनिया के जुबान पर जवना दू गो बात के खूब चर्चा बा, उ बा पहिला– रूस-यूक्रेन युद्ध आ दूसरा- द कश्मीर फाइल्स। रूस-यूक्रेन युद्ध से तनिको कम भयावह नइखे कश्मीरी पण्डितन के कहानी।

ई फिल्म के देखला के बाद लोग सिनेमाहाल में आपन आँसू, दर्द आ रोआई नइखे रोक पावत। कश्मीरी हिन्दू के साथे हेतना कुछ भइल आ आज ले लोग के पता नइखे। तत्कालीन सरकार, मीडिया आ बुद्धिजीवी एह सब पर आसानी से लीपा-पोती कर देहलें अउरी कुछ ना भइल। अपने देश में, आपन धरती छोड़ के दोसरा जगह जा के शरणार्थी बने के पड़ल अउरी केहू कुछ ना कइल। हमनी रउआ उ दर्द नइखी बुझ सकत जवन एगो कश्मीरी पंडित सहले होई। जब ओकरा सामने आपन भाई बंधु के बर्बरता से हत्या भइल होई, जब ओकरा सामने ओकरा माई बहिन के बलात्कार करके आरा मशीन से दू टुकड़ा में काट दिहल गइल होई। ओ दर्द के कल्पना करते हमार हाड़ ले कांप जाता। एतना सब कुछ हमनी जइसन इंसान के साथे भइल अउरी हमनी का, का कइनी जा त भुला गइनी जा। बुद्धिजीवी लोग मानवता के पाठ सिखावल कि जवन बीत गइल ओके भुला जा, आगे के सोचs। अरे भाई, तोहरा एगो बालतोड़ हो जाला त लोकतंत्र के खतरा में आ गइला के दुहाई देबे लागेलs, तू अइसन बात करत बिल्कुल भांड लागेलs, दुमुहा, धूर्त आ पंजाबी में कहीं त दोगला।

द कश्मीर फाइल्स फिल्म, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री 2019 में अनाउन्स कइलें। एकर तइयारी उ पिछला कई साल से करत रहलें। एह पर लमहर रिसर्च चलल। 1989 से लेके 90 के दशक में भइल कश्मीर के असली निवासी कश्मीरी हिन्दू के ऊपर अत्याचार आ कश्मीरी पंडितन के नरसंहार पर उनके एगो टीम लगातार तथ्य जुटावत रहल। 90 के हिंसापूर्ण पलायन के बाद आपन जान बचाके भागल कश्मीरी पंडित सगरी विश्व में इहाँ-उहाँ जाके शरण लेहलें। वीडियो इंटरव्यू लेके अधिकतर कश्मीरी पंडितन के कहानी उ रिकॉर्ड कइलें आ फेर पब्लिक डोमेन में फइलल सगरो तथ्य आ जानकारी के इकट्ठा कइल लोग। कई साल के मेहनत के बाद ई फिल्म बनल। हालांकि फिल्म के शूटिंग में 30 से 40 दिन ही लागल। फिल्म के अधिकांश हिस्सा मसूरी, देहरादून में शूट भइल। एक सप्ताह के शूटिंग कश्मीर में भी भइल, डल लेक अउरी आस-पास के जगह पर।

द कश्मीर फाइल्स के बुनावट, रंग संयोजन, कथा नैरेशन, एह दौर से ओकर प्रासंगिकता आ सगरो अभिनेता लोग के अद्भुत अभिनय कौशल भी एह फिल्म के यूएसपी बा। निर्देशक आ लेखक विवेक अग्निहोत्री के फिल्मकारी के जेतने प्रशंसा कइल जाव, कम बा। द कश्मीर फाइल्स एगो मास्टरपीस बा अउरी विवेक जी मास्टरमाइंड! अनुपम खेर, मिथुन दा, पल्लवी जोशी, चिन्मय मांडलेकर, दर्शन कुमार, पुनीत इस्सर…सभे अइसन कौशल देखवले बा कि रउआ लागि कि सब रउआ आँखिन के सामने होता।

द कश्मीर फाइल्स बनल 14 करोड़ के कुल लागत से। एकर कवनो भी बड़ प्लेटफ़ॉर्म पर प्रमोशन ना भइल। कवनो भी बड़ टीवी शो एकरा ओर ध्यान ना देहलस। केहू भी बड़ स्टार एकरा बारे में बातो करे से कतराइल। उल्टा बहुत लोग त ई फिल्म के रोके खातिर आपन पूरा जोर लगा लेहलस। फिल्म कोरोना के चलते 15 अगस्त 2020 से टलत एह साल 11 मार्च 2022 के रिलीज भइल। पहिला शो से भीड़ लागल चालू हो गइल। जब रिलीज भइल त 630 के लगभग स्क्रीन मिलल रहे। कुछ लोग डिस्ट्रिब्यूटर के प्रभावित करके उहो कम करे चाहत रहे। आ देखीं ना, एक दिन में अइसन जादू भइल कि अगिले दिने स्क्रीन के संख्या 2000 के लगभग हो गइल अउरी उ बढ़त बढ़त अब 4000 से ऊपर हो गइल बा। विदेशन में ई फिल्म 100 से भी कम स्क्रीन पर रिलीज भइल, बाकिर उहाँ भी जब फिल्म ब्लॉकबस्टर होखे लागल त आलम ई बा कि सब बड़ देशन में जहां भारतीय लोग के संख्या ढेर बा, उहाँ ई फिल्म दू सप्ताह से हाउसफुल चलत बिया आ स्क्रीन के आंकड़ा 600 के ऊपर पहुँच गइल बा।

ई फिल्म भारत में आज 200 करोड़ के आंकड़ा पार कर गइल। फिल्म अपना दूसरा सप्ताह में अइसन कलेक्शन कइले बिया जवन हिन्दी फिल्मन खातिर ऐतिहासिक बा। पहिला दिन के कॉलेक्शन जहां 3।55 करोड़ रहे उ लगातार दू डिजिट के कमाई करत दूसरा सप्ताह के शुक्रवार के 19।15 करोड़, शनिवार के 24।80 करोड़, रविवार के 26।20 करोड़, सोमवार 12।40, मंगलवार 10।25 आ बुधवार के 10।03 करोड़ के धमाकेदार कॉलेक्शन कइले बा। ई फिल्म लगातार हाउसफुल चल रहल बा अउरी आवे वाला सप्ताह में भी ई रुकी ना। हालांकि एकरा सामने एह शुक्रवार से विशाल फिल्म आर आर आर रिलीज हो रहल बा, जवन बाहुबली फ़ेम राजामौली के बनावल ह अउरी साउथ के दू गो बड़ स्टार राम चरण आ जूनियर एनटीआर बाड़ें। अजय देवगन आ आलिया भी एह फिल्म में बा लोग। ट्रेड पंडित लोग के कहनाम बा कि एह फिल्म के चलते हिन्दी पट्टी में आर आर आर के कलेक्शन से गिरावट जरूर आई। जइसे पिछला हफ्ता रिलीज फिल्म बच्चन पांडे बुरी तरह से पिट गइल बिया। फिल्म के बजट 165 करोड़ बा अउरी ओकर लाइफटाइम कलेक्शन 50 से 55 करोड़ रहे के उम्मीद बा। द कश्मीर फाइल्स के लेके जनता में जवन जोश आइल बा, ओकरा हिसाब से ई फिल्म के लाइफ टाइम कॉलेक्शन 300 करोड़ के आंकड़ा छू जाई।

एह फिल्म के लेके खूब विवाद भी हो रहल बा। पहिला दिन से कॉंग्रेस कश्मीरी पंडितन के नरसंहार आ पलायन के ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़े के कोशिश कर रहल बा। दूसरा ओर सगरो विपक्षी पार्टी आपन आपन जोर आजमाइश में लागल बाड़ी। भाजपा पार्टी के अधिकांश लोग एह फिल्म के समर्थन में आ रहल बा। हालांकि ई सब राजनीति के बात ह, लोग एक दूसरा के ऊपर काँदो फेंका-फेंकी करबे करी। बाकिर एह सब में जान-माल के जवन नुकसान भइल, 32 साल से झेलत आ रहल कश्मीरियन के दर्द के ऊपर मरहम के लगाई। सभे आपन पल्ला झाड़े में लागल बा। भाई, फिल्म में बतावल एगो तथ्य से लोग अब जाके अवगत हो रहल बा कि कश्मीरी पंडितन के एक बार ना, सात बार अइसन पलायन हो चुकल बा जवन इतिहास के गलियारा में गुम हो गइल बा। बाकी बुद्धिजीवी इतिहासकार आ पत्रकार लोग एकरा के नीचे दबा के ऊपर मस्त कुर्सी लगाके बइठल बा लोग। ई फिल्म ओही इतिहास के एगो करिया सच खींच के बाहर निकलले बा त सभ के कुर्सी डोल गइल बा आ हाथ छाती पर आ गइल बा।

सब सच धीरे-धीरे बाहर आएगा, हम देखेंगे।।।

रउआ जदी ई फिल्म अभी ले नइखीं देखले त जरूर जाके देखीं, मानवता खातिर ही सही लेकिन देखीं जरूर!


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Hum BhojpuriaMay 6, 20221min250

मनोज भावुक

लगभग एक महिना त निगिचाइले बा। ना केहू झुके खातिर तैयार बा, ना रुके खातिर। यूक्रेन के तरफ से साफ संकेत बा कि उ आत्मसमर्पण ना करी। मैरियूपोल में चल रहल भीषण जंग में भी यूक्रेन के सेना हथियार डाले से इंकार कर देले बा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के कहनाम बा कि, उ पुतिन से बातचीत खातिर तैयार बाड़न, लेकिन अगर ई बातचीत फेल भइल त तीसरा विश्व युद्ध होई।

कई दौर के वार्ता आ पश्चिमी देशन के दखल के बादो रूस हमला प हमला करिए रहल बा। रूस के हमला से यूक्रेन थर्रा उठल बा। कई गो शहर तबाह हो गइल बा। तबो जेलेंस्की के युद्ध विराम खातिर रूस के अल्टीमेटम स्वीकार नइखे।

एने रूस के सैनिक अब एह जंग में पस्त हो चुकल बाड़न। निराश-हताश सैनिक अब अपना घरे लौटे के चाहत बाड़न। एकरा खातिर उ खुद के गोलियो मारे खातिर तैयार बाड़न। उ यूक्रेन के बंदूक से अपना गोड़ में खुदे गोली मारके इलाज के बहाने अपना घरे वापस लौटे के प्लान बनावत बाड़न काहे कि युद्ध से भगोड़ा सैनिक खातिर त पुतिन के ‘डेथ स्क्वाड’ तैयारे खड़ा बा।  रूस के एह सैनिकन के हालत पर हमरा आपने एगो शेर मन परता –

पानी के बाहर मौत बा, पानी के भीतर जाल बा

लाचार मछरी का करो जब हर कदम पर काल बा ।।    

राजा के बउरइला पर प्रजा के भोगहीं के पड़ेला। इहाँ त एने कुआं त ओने खाई वाला हाल बा।  यूक्रेन में पकड़ाइल रूसी सैनिक त अब अपना लोगन से पुतिने के खिलाफ आवाज उठावे के अपील कर रहल बाड़न। रउरा सब के त मालूमे बा कि यूक्रेन पर हमला के तुरंते बाद रूस में बड़हन संख्या में लोग युद्ध के विरोध में सड़क पर उतर आइल रहे। बाकिर अब त यूक्रेन के सड़क खूने-खून हो गइल बा आ चीख-पुकार, चीत्कार, घुटन-क्रंदन, हताशा, निराशा आ दहशत दुनों देश में चरम पर बा आ रजवा माने खातिर तइयारे नइखन स। पता ना ई युद्ध कहाँ जाके विराम ली।

ई सब कुछ बड़ा वीभत्स चल रहल बा। युद्ध आ हिंसा कबो अमन चैन ना लेआवेला। ना दोस्त के घर में, ना दुश्मन के घर में। विश्व भर में लड़ल गइल युद्ध के ऊपर कई गो उत्कृष्ट फिल्म बनल बाड़ी सन। जदी रउआ उ फिल्मन के देख लीं त बुझाई कि इंसान शक्ति पावे खातिर केतना आन्हर होला कि उ मानवो  जाति के खून बहावे में हिचक ना करेला। युद्ध के पहिले से लेके युद्ध के बेरा आ ओकरा बाद के भीषण त्रासदी के जवन चित्रण एह फिल्मन में भइल बा, लोग के जरूर देखे के चाहीं। हालांकि ई देखल बड़ा दर्दनाक होला, बाकिर ई सोचीं कि अइसन सच में झेलल केतना ज्यादा कष्टकर होत होई।

युद्ध काल के ऊपर बनल फिल्मन के लिस्ट में कुछ बेहतरीन फिल्मन के देखीं।

रैन

पहिला नाम बा ‘रैन’। ई जापानी फिल्म ह अउरी उहाँ के सबसे महंगा फिल्म भी मानल जाला। 1985 में रिलीज भइल ई फिल्म महान फिल्म निर्देशक अकिरा कुरोसावा के बेहतरीन फिल्मन में से एगो बा। एकरा के कई गो पोर्टल सबसे बेहतरीन वार फिल्म मानेले। ई फिल्म के बनावे में अकिरा के सगरो कुछ दांव पर लाग गइल। एह फिल्म के कहानी रहे एगो योद्धा मोरी मोन्टारी के। मोरी आपन राज के तीन हिस्सा करके आपन तीनू बेटन में बाँटे के चाहत बा। बाकिर तीसरा बेटा ई सब के पक्षधर नइखे। ओकर दू गो बेटा जबकि जमीन अउरी सत्ता खातिर पूरा राज्य के आग में झोंक देत बाड़ें। सगरो इंसान आ जानवर के युद्ध में झोंक के, जब अंत में वीरान अउरी ढहल राज्य लउकत बा, चारु ओर लोगन के खून के तालाब लउकत बा त ओ युद्ध के पक्षधरन के बुझात बा कि ई लड़ाई केकरा खातिर भइल अउरी का मिलल आखिर एकरा से। ई फिल्म रउआ अमेजन प्राइम पर देख सकिलें।

1917

हॉलीवुड के फिल्म ‘1917’ अपना कथानक अउरी प्रोडक्शन डिजाइन (कहे के माने फिल्म के सेट, गेटअप, माहौल) एतना कलात्मक अउरी बेहतरीन रहे कि ई एगो उत्कृष्ट युद्ध फिल्म मानल जाला। ई फिल्म में दू गो अभागा सिपाहियन के कहानी बा। प्रथम विश्व युद्ध के जर्मन सेना के आगे लड़े वाला योद्धा कुल के बारे में एगो गुप्त सूचना मिलत बा। इहे दुनू सिपाही ओ आपन कम से कम 1600 साथियन के बचावे खातिर पल पल मौत से सामना करत जा तारें। ई फिल्म देखला पर बुझाई कि युद्ध काल में कइसे हर पल मौत अउरी त्रासदी मुंह खोल के खड़ा रहेले। एकर निर्देशक सैम मेन्डेस बाड़ें। एकरो के रउआ अमेजन प्राइम पर देख सकीलें।

 

 

 

सेविंग प्राइवेट रयान

‘सेविंग प्राइवेट रयान’ 1998 के फिल्म ह, महान निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग के बनावल। ई फिल्म में कई गो अलग कथानक एक साथे मिला के सेना के जवानन के संघर्ष अउरी बलिदान के कहानी बतावल गइल बा। ई फिल्म के चर्चा अक्सर विश्व भर में बनल महान युद्ध फिल्म के रूप में कइल जाला। जब कप्तान मिलर अपना साथियन के साथे जर्मन फोर्स से सामना करे जात बाड़ें, ओही के इर्द गिर्द ई फिल्म बनल बा। ई फिल्म रउआ अमेजन पर देख सकीलें।

 

 

 

 

कुछ भारतीय बेहतरीन फिल्म जवन युद्ध के इर्द गिर्द बनल बा –

बॉर्डर

एह में सबसे पहिला नाम त जे पी दत्ता के बॉर्डर बा। ई फिल्म हमरा बुझाता रउआ सभे देखले होखब। ई भारत अउरी पाकिस्तान के बीच भइल 1971 के युद्ध काल पर आधारित बा। लॉंगेवाला में लड़ल गइल विशाल लड़ाई के ऊपर ई फिल्म आधारित बा। एह युद्ध में भारत जीतल रहे अउरी बांग्लादेश के मुक्त करवले रहे। ई फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना आ जैकी श्रॉफ के मुख्य भूमिका रहे। ई फिल्म रउआ युद्ध के समय होखे वाला त्रासदी के देख सकीलें। ई फिल्म अमेजन प्राइम पर उपलब्ध बा।

 


शेरशाह

पिछला साल आइल शेरशाह भी युद्ध के त्रासदी के ऊपर बनल एगो सुंदर फिल्म बा। ई फिल्म परमवीर चक्र विजेता कैपटेन विक्रम बत्रा के महान बलिदान के ऊपर बनल बा। जब 1999 के कारगिल युद्ध भइल रहे त कप्तान साहब देश खातिर आपन महान कर्तव्य निभवलें अउरी दुश्मन सेना के खदेड़ देहलें। एह में उ शहीद हो गइल रहलें। रउआ ई फिल्म ओ योद्धा के महान बलिदान अउरी युद्ध के बेरा होखे वाला भीषण त्रासदी के समझे खातिर देख सकीलें।

लिस्ट में बहुत फिल्म बा जवन युद्ध के परिणाम चीख-चीख के बतावेला। हम त बस प्रतीक का रूप में कुछ फिल्मन के चर्चा कइनी ह। हर जगह अमन चैन होखे हम त इहे कामना करब, अपना एह शेर के साथे कि –

” अमन वतन के बनल रहे बस,

हवा में थिरकन बनल रहे बस /

इहे बा ख़्वाहिश वतन के धरती,

वतन के कन-कन बनल रहे बस “


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Hum BhojpuriaMarch 21, 20221min2000

मनोज भावुक

तेलुगु फिल्म पुष्पा पूरा उत्तर भारत के अलावा बिहार में कमाई के रिकॉर्ड बनवले बा। अब पुष्पा अमेजन प्राइम पर रिलीज हो गइल बा। बाकिर ओकरा बादो उ स्क्रीन पर करोड़ में कमाई कर रहल बा। एकरे के कहल जाला हीरो के स्टार पावर आ कहानी के जादू। ओकर खाली पांचवा सप्ताह में कलेक्शन 5 करोड़ के लगभग हो गइल बा। एह सप्ताहन के जवन कलेक्शन रिपोर्ट आइल ह, ओ में सर्वाधिक कमाई वाला हिन्दी पट्टी के राज्य में बिहार दुसरा तीसरा नंबर पर बा। ओइसे भी साउथ के सिनेमा के तरफ बिहार के ऑडियंस बहुत पहिले से शिफ्ट हो चुकल बिया। सैटेलाइट पर सबसे ढेर साउथ के फिल्म चलेला, उ पेड चैनल होखे भा फ्री टू एयर चैनल। यूट्यूब भी बिहार झारखंड के दर्शकन के साउथ सिनेमा देखे में मदद कइले बा। एही से जाहिर बा कि तेलुगु के सुपरस्टार अल्लु अर्जुन के पुष्पा अपना व्होलसम मसाला पैकेज के साथे दर्शकन के सिनेमाघर में खिंचबे करी। सवाल बा कि भोजपुरी सिनेमा के कर्णधार लोग के नींद अभियो खुली कि ना?

“पुष्पा नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या, फायर हूँ मैं”। साँचो पुष्पा फायर ही बा। बॉक्स ऑफिस पर आग लगा देहले बा। जब कोरोना के चारु ओर हाहाकार बा, तब भारत के क्षेत्रीय भाषा तेलुगु के फिल्म पुष्पा राष्ट्रीय भाषा हिन्दी के साम्राज्य वाला क्षेत्र में आपन झण्डा गाड़ रहल बा। ऊपर से सिनेमाघर में ओकरा के चुनौती देबे खातिर हिन्दी के एगो बड़ स्टारकास्ट वाली फिल्म ‘83’ भी बा। 83 जेंगा बड़ बजट पर, 3डी में बनावल गइल रहल ह आ पूरा जोर शोर से प्रमोशन कर के रिलीज भइल ह, पुष्पा के ओकरा सामने टीके के कवनो मौका ना रहल ह। बाकिर एहीके कहल जाला जनता के मन। जनता के मन जेकरा इओर हो गइल, उहे राजा हो गइल। पुष्पा फिल्म में जवन मास अपील बा, जवन एगो मसाला मनोरंजन बा, उ दर्शक बहुत दिन से खोजत रहले हं आ जब अइसन फिल्म मिलल ह त बस सगरी प्यार पुष्पा के भेंटा गइल ह। बेचारा 83 आपन बजट भी नइखे निकाल पवले आ तबले पूरा भारत में, सिनेमाघर में पाबंदी लागल चालू हो गइल बा। पुष्पा अभियो सिनेमाघर में चल रहल बा अउरी वर्ल्डवाइड 325 करोड़ के कमाई कर चुकल बा। जे में खाली हिन्दी वर्जन 88।50 करोड़ रुपिया कमइले बा। 90 करोड़ के आंकड़ा जल्दिये छुए वाला बा। अब सोचीं कि लोग ओटीटी पर रिलीज भइला के बादो बड़ा पर्दा पर देखे जा रहल बा, हे कोरोना के महामारी में। ई ओ सब ट्रेड पंडित लोग के करारा जवाब बा जे कहत रहल ह कि ओटीटी के आधिपत्य अइला के बाद अब सिनेमाघर के जादू ओरा जाई।

कुछ दिन पहिले अजय देवगन के स्टेटमेंट आइल रहे कि स्पाइडरमैन – नो वे होम के हिन्दी वर्जन इहाँ आके दू सौ करोड़ के कमाई कर लेत बा अउरी हिन्दी के फिल्मन के बजट भी नइखे निकल पावत। उनकरे लेखां ई सवाल एह बेरा हिन्दी फिल्म उद्योग के सगरो बड़ अभिनेता, निर्माता अउरी निर्देशक के मन में उमड़त होई। पुष्पा भी दोसरा इंडस्ट्री में उहाँ के स्टार के साथे बनल फिल्म ही ह जवन हिन्दी में खाली डब भइल बिया। जब हिन्दी में डब भइल फिल्म एतना बढ़िया कमा रहल बाड़ी सन त हिन्दी के फिल्मन के साथे का भइल बा। पहिला-दूसरा लहर के बाद से खुलल सिनेमाघर में रिलीज भइल हिन्दी फिल्मन में मात्र सूर्यवंशी ही अइसन फिल्म बा जवन बढ़िया कलेक्शन कइले बिया आ सुपरहिट के तमगा लेहले बिया; ना त अउरी कवनो हिन्दी फिल्म नइखे जवन बढ़िया प्रदर्शन कइले होखे। 2020 के दिसंबर में आइल कूली नंबर 1 भी बॉक्स  ऑफिस पर कमाई कइले रहे बाकिर आपना सेन्सलेस स्टोरी के चलते आलोचना भी पवलस।

अजय के एह सवाल पर बहुत लोग के प्रतिक्रिया भी आइल। बाकिर, ई चर्चा छिड़ गइल बा कि हिन्दी सिनेमा के प्लेट से दोसर केहू आके निवाला खा जात बा अउरी हिन्दी निर्माता निर्देशक कुछ नइखे कर पावत लोग। हालांकि ई बात खाली चर्चे ले रही कि एह पर कुछ काम भी शुरू होई, ईश्वर जानें। लेकिन, आपन लचर आ रीमेक फिल्मन के अधिकता के चलते हिन्दी सिनेमा बसा गइल बा। पिछला साल सुशांत सिंह राजपूत के असमय मौत आ ड्रग्स स्कैंडल में आइल इंडस्ट्री के सगरी बड़ नाम हिन्दी फिल्म उद्योग के छवि पर जल्दी ना मिटे वाला धब्बा लगवले बा। अब लोग के लगे ओटीटी के नाम पर ऑप्शन बा अउरी एही हिन्दी जगत के सुलझल लोग बढ़िया कंटेन्ट दे रहल बा। फिल्मन में स्टार आ कुछ विशेष निर्माण कम्पनियन के एकाधिकार के चलते जवन रीमेक आ धड़ल्ले से बायोपिक के आंधी चलल बा, ओहसे दर्शक भी निजात खोजे लागल बा।

हम ई बात भले हिन्दी के संदर्भ में कहत बानी बाकिर ई हूबहू भोजपुरी सिनेमा पर भी लागू हो रहल बा। इहाँ भी स्टार कल्चर बा, स्टार के निर्णय पर सब कुछ फाइनल होखे वाला परंपरा बा। कुछ-एक निर्माण कम्पनियन आ निर्माता लोग के एकाधिकार बा। नया लोग के फफेलिया के इंडस्ट्री से बाहर कर देबे वाला गुंडागर्दी भी इहाँ बा। ओकरा बाद बेतुक के कहानी, हिन्दी आ साउथ फिल्मन के सस्ता रीमेक, कई गो फिल्मन के घोल-मट्ठा के बोलबाला भोजपुरी सिनेमा में बा। कहानी आ गीत लेखक से बंधुआ मजदूर लेखां काम करा के, फिल्म के बजट के अधिकतर माल स्टार के झोरी में उझिले वाला ट्रेंड भोजपुरी में बा। एही के चलते एगो दूर के क्षेत्रीय भाषा के फिल्म, सगरो भोजपुरिया लोगन के तथाकथित भैया, बेटा कहाये वाला स्टार लोग के कगरिया के दमदार कमाई कर रहल बिया आ अभियो बिहार में झण्डा गाड़ के चल रहल बिया।

महाराज! ई पब्लिक ह, सब जानेले। ई केहू के ना हियs, जेने एकर मन करी, ओने जाई। अगर रउआ फिल्मन में, कंटेन्ट में दम बा त साधी ना त माथा पिटीं। अब भोजपुरिया निर्माता निर्देशक लोग एह खतरा के भांप भी सकेला लोग कि ना, ई त ओ लोग के विवेक जानो!


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Hum BhojpuriaMarch 21, 20221min1590

मनोज भावुक

फिल्मी दुनिया में कुछ भी स्थायी नइखे, जइसे उ दुनिया कागज के बगइचा बा, ओसहीं उहाँ रहे वाला लोग भी कागज के फूल बा। जे में सुगंध से लेके सुंदरता तक सब नकली बा। जब कई कई साल पुरान रिश्ता के टूटल आदमी देखेला त दिल मसोस के रहि जाला। मन में टीस उठेला कि अइसन कइसे हो सकत बा। ई दुनू लोग त साथे बड़ा निम्मन से लउकत रहल ह लोग। हाल हीं में धनुष अउरी रजनीकान्त के बेटी ऐश्वर्या रजनीकान्त आपन 18 साल पुरान शादी के रिश्ता खतम करे के ऐलान कइल ह लोग आ ओकरा बादे से सभ प्रशंसक वर्ग में अउरी मीडिया में एही बात के चर्चा हो रहल बा।

फिल्मी दुनिया में अइसन पुरान पुरान रिश्ता टूटल कवनो नया बात नइखे। ई अक्सर होत रहेला। हालांकि एकर प्रतिशत हॉलीवुड में बहुत ज्यादा बा। उहाँ कब कवनो नामी चेहरा केहू के साथ गलबाहियाँ कर रहल बा, जिए मरे के बात कर रहल बा अउरी कब केहू अउरी के हाथ में हाथ डाल के घूमे लागेला, बुझइबे ना करेला। कम से कम भारत के सांस्कृतिक विरासत अउरी सामाजिक बनावट के लोग थोड़ा खेयाल भा लिहाज करेला, एही से जल्दी रिश्ता तूरे में हिचकिचाला। बाकिर जे तरे रिश्ता टूटे के आवृति बढ़ रहल बा, बुझाता भारत के भी इलीट भा अभिजात्य वर्ग कहाये वाला फिल्म इंडस्ट्री के लोग के हॉलीवुड से ढेरे प्रेरणा मिल गइल बा।

धनुष आ ऐश्वर्या रजनीकान्त के टूटल एतना पुरान रिश्ता के जइसन कुछ और फिल्मी रिश्ता के कहानी बा जवन कई साल सफलता से चलला के बाद टूट गइल। हालांकि अइसन बहुत साल पहिले से होत आ रहल बा। फिल्म के शुरुआती दौर में भी अइसन रिश्तन में टूट आ चुकल बा। धनुष साउथ के सुपरस्टार हवें। उ आपन करियर के शुरुआती दिन में रजनीकान्त के लइकी पर दिल हार गइलें आ उनका से बियाह कर लिहलें। दुनू जाना के लव स्टोरी भी बड़ा चर्चा के विषय रहे अउरी उ दुनू जाना के बीच के मधुर संबंध के अक्सर मीडिया अउरी लाइफस्टाइल पोर्टल उदाहरण के जइसन पेश करत आइल बा। एही के चलते जब दुनू जाना के बीच तलाक के खबर आइल बा त सभे शॉक में बा। धनुष के इंडस्ट्री में उनका अभिनय कला खातिर प्रतिष्ठा त बटले बा, उनके मेगास्टार रजनीकान्त के दामाद होखला के भी बड़ा इज्जत रहल बा। सभे एह कारण से भी उनके बड़ा मान देहले बा। ई बात बिल्कुल नकारे वाला नइखे कि धनुष के एगो बड़ प्रशंसक वर्ग उनके रजनीकान्त परिवार से जुड़ला के चलते भी चाहेला। जवन एह निर्णय के बाद उनका से जरूर नाखुश होई। अब एह ऐलान के धनुष के करियर पर कवनो विपरीत असर पड़ी कि ना पड़ी, ई भविष्य में पता चली।

अइसन ही एगो बिछुड़ाव साउथ के महान अउरी सहृदय अभिनेत्री सावित्री गणेशन के साथे भी भइल रहे। सावित्री के उतार चढ़ाव से भरल जिनगी पर एगो फिल्म भी बनल ‘महानती’(2019)। एह फिल्म के तीन गो राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिलल। सावित्री तेलुगु आ तमिल के बहुत चर्चित अभिनेत्री रहली आ उनके नया पीढ़ी में भी बड़ा इज्जत रहल बा। उनके इंडस्ट्री में सबसे पहिले स्पॉट कइले रहलें साउथ के हीरो जेमिनी गणेशन। जेमिनी के चलते उनके फिल्मन में ब्रेक मिलल आ ओकरा बाद दुनू जाना अपना करियर के शुरुआती फिल्म साथ में कइल लोग। सावित्री के आँख आ हाव भाव के लोग एतना दीवाना रहे कि उ देखते देखते अपना टाइम के सुपरस्टार हीरोइन लोग के पीछे छोड़ के खुद सबसे बड़ अभिनेत्री बन गइली। उनके जेमिनी से प्यार हो गइल जबकि उ पहिले से शादीशुदा रहलें अउरी दू गो बेटी के बाप। दुनू जाना के बीच प्यार बढ़ल त बियाह कर लिहल लोग आ साथे रहे लागल लोग। बाद में सावित्री के दू गो संतान भी भइलें। सब कुछ बढ़िया चलत रहे तले एगो अइसन समय आइल जब जेमिनी गणेशन सावित्री के सफलता से असुरक्षित महसूस करे लगलें। उनके पहिले भी शादी में अफेयर रह चुकल रहे। सावित्री के साथ भी शादी के बादो अफेयर रुकल ना। ई एक बार सावित्री के पता चलल आ दुनू जाना के रिश्ता टूट गइल। ई रिश्ता 16 साल बाद टूटल रहे। एकरा बाद सावित्री बहुत बुरा तरे टूटली अउरी फेर कबो उभर ना पवली। उ शराब के लती हो गइली आ फेर सब धन दौलत बर्बाद हो गइल। 45 के उमिर में सवित्री गणेशन एह क्रूर दुनिया के छोड़ देहली।

अइसने एगो लमहर रिश्ता टूटल रितिक रोशन अउरी सूजैन के। दुनू जाना बचपन से एक दुसरा के जानत रहे लोग बाकिर जवान भइला पर एक दुसरा खातिर प्यार जवान भइल। फेर दुनू जाना 2000 में बियाह कर लिहल लोग। रितिक तबे फिल्मन में डैब्यू कइले रहलें। दुनू जाना के देहि से दूगो बेटा भी भइलsसन। बाकिर ई प्यार के रिश्ता 2013 में अपना अंजाम पर आ गइल अउरी दुनू जाना अलग होखे के घोषणा कइल लोग। 14 साल के रिश्ता खतम हो गइल। कारण पता चलल कि रितिक काइट्स के हीरोइन बारबरा मोरी के नजदीक हो गइल रहलें। एने सुजैन अर्जुन रामपाल के करीब होत रहली। खैर दुनू जाना अभियो एक दूसरा से संपर्क में बा लोग पूर्व पति पत्नी के रूप में। बाकिर शादी जइसन खूबसूरत रिश्ता खतम हो गइल।


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Hum BhojpuriaFebruary 17, 20221min2280

मनोज भावुक

कोरोना के दूसरा लहर के बादो ई साल भोजपुरी सिनेमा खातिर ठीक ठाक रहल। पिछला साल 2020 में मार्च में कोरोना सगरो विश्व में आपन भीषण प्रकोप देखावल चालू कइलस। फेर कई महीना घर में बंद रहला के बाद अगस्त के बाद थोड़ा ढील मिलल त भोजपुरी फिलिम बनल चालू भइली सन। जवना के शूटिंग बीच में अटकल रहे ओकनियो के काम पूरा भइल। ओहि बीचे भोजपुरी के बड़ डायरेक्टर असलम शेख एह दुनिया से विदा ले लेहलें जेकरा चलते उनके बीच में छुटल फिल्म उनके बेटा इशतियाक शेख बंटी पूरा कइलें। जवन फिल्म 2020 के उत्तरार्ध में शूट भइली सन, ओकनी का 2021 के शुरुआत में रिलीज भइली सन।

रजनीश मिश्रा के भी कुछ फिल्म 2021 में रिलीज भइली सन। खेसारी लाल के ‘दुल्हिन वही जो पिया मन भाए’, ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’, ‘प्यार किया तो निभाना’, ‘सैयां अरब गइले ना’ अउरी लिट्टी चोखा’। खेसारी लाल खातिर 2021 बड़ा विशेष रहल। उनके तीन चार गो फिलिम लंदन आ दुबई में शूट भइली सन अउरी इहाँ रिलीज भइली सन।  भोजपुरी फिल्मन के बॉक्स ऑफिस पर व्यवसाय त पिछला कई साल से बढ़िया नइखे होत। ओकर कारण बा, सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर के कम होत संख्या। आ भोजपुरिया निर्माता निर्देशक लंदन, दुबई चल त गइल बाड़ें बाकिर फिल्मन के गुणवत्ता अभियो अइसन नइखे बना पवले कि ओकरा के मल्टीप्लेक्स में रिलीजिंग मिल सके अउरी महंगा टिकट खरीद सके वाला दर्शक भोजपुरी फिलिम देख सके। हाँ, रत्नाकर कुमार के निर्माण में बनल पराग पाटील के निर्देशन के फिल्म ‘संघर्ष’ जरूर मल्टीप्लेक्स में रिलीज भइल रहे अउरी कुछ दर्शक के भी आकर्षित करे में सफल भइल बाकिर जब कुछ दिन के हाइप के बाद मल्टीप्लेक्स सिनेमाघर में दर्शक आवल बंद कर देहलें त सिनेमाघर मालिक आ वितरक फिल्म स्क्रीन से उतार लेहलें।

देखीं मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखावे खातिर फिल्म के कथा-पटकथा, अभिनय, निर्देशन, पिक्चर क्वालिटी सब कुछ मैटर करेला। जवन स्टार डिजिटल पर बेचा रहल बा एकर माने ई नइखे कि लोग ओकरा के देखे खातिर टिकट खरीदी। जब फ्री में खाली नेट खर्चा करके ई लोग लउकिये जात बा त पइसा के खर्चा करी जी। आ भाई जी, भोजपुरी फिल्मन के मुकाबला ओकरा से सौ-दू सौ गुना बेहतर हिन्दी, साउथ आ हॉलीवुड के फिल्मन से बा। रउआ खुद अनुमान लगा सकीलें कि भोजपुरी कहाँ स्टैन्ड करी एकनी के सामने। हम नइखी कहत कि बदलाव नइखे हो सकत, होई लेकिन ओह हिसाब से काम करे के पड़ी।

कुल्ह जमा बात ई बा कि 2021 में रिलीज भइल फिलिम के असली कमाई डिजिटल आ सैटेलाइट अधिकार बेच के ही भइल बा। कुछ कमाई फिल्मन के गीत-संगीत के अधिकार बेच के भइल होई। ना त, सिनेमाघर के कमाई कुछ लाख में सिमट गइल होई। हम ई आंकड़ा बिहार-झारखंड, यूपी, दिल्ली आ मुंबई के सिंगल स्क्रीन थियेटर के मिला के बतावत बानी। ऊपर से आजुओ भोजपुरी फिल्म कवनो शहर के ओही इलाका भा थियेटर में रिलीज होला जवन मजदूर बहुल बा। एही से अंदाजा लगा लीं कि भोजपुरिया निर्माता, स्टार आ वितरक के भी पता बा कि भोजपुरिया फिल्मन के दर्शक के बा। शायद इहो कारण हो सकेला कि कमफ़र्ट जोन से बाहर नइखे निकले चाहत भोजपुरी सिनेमा।

पवन सिंह के भी फिलिम अइली सन आ रिलीज होके उतर भी गइली सन। उनके फिल्म ‘मेरा वतन’, ‘हम हैं राही प्यार के’ आ बॉस मुख्य फिल्म रहली सन। बाकिर त उ भोजपुरी के अलावा हिन्दी के एल्बम में बहुत व्यस्त रहलें हं। कईगो हिन्दी गाना भी गवलें हं आ हिट भी करवलें हं। आजकल पवन सिंह हिन्दी म्यूजिक लेबल के पसंद बनल बाड़ें। कारण बा, उनके फैन फॉलोईंग। अगर कवनो म्यूजिक लेबल के आपन उपभोक्ता दायरा बढ़ावे के होता त उ पवन सिंह के साइन कर लेत बा। उनके फैन पवन के हिन्दी भोजपुरी मिक्स गावत सुन के लहालोट हो जात बाड़ें। अइसने हाल चाल खेसारी लाल के भी बा, उहो आजकल भोजपुरी हिन्दी मिक्स गीत खूब गा रहल बाड़ें। हालांकि खालिस हिन्दी गीतन के भी लिस्ट ई दुनू जाना के बहुत बा। कहे के माने, भोजपुरी सिनेमा के कुछ होखे भा ना होखे, एह लोग पाकिट भर रहल बा, जवन पिछला एक दशक से होत आ रहल बा।

यश कुमार एह साल कई गो बढ़िया अउरी सार्थक फिल्म लेके अइले हं। जवन स्क्रीन रिलीज त कमे भइली ह सन बाकिर सैटेलाइट पर रिलीज होके आपन लागत निकाल लेहले होइह सन। उनके कुछ बढ़िया फिल्मन के नाम बा, मुन्ना मिसिर बीमा एजेंट, पारो, दामाद जी, चंदन परिणय गुंजा आदि। उनके अलावा अरविन्द अकेला कल्लू, रितेश पांडे आ प्रदीप पांडे चिंटू के भी कई गो फिल्म अइली ह सन जवन डिजिटल आ सैटेलाइट से ही कमइली ह सन। कोरोना के चलते लोग घर में टीवी आ इंटरनेट पर एह लोग के फिल्मन के देखल ह, जेसे ई फिल्म आपन लागत निकाल लेहली ह सन।

दिनेश लाल यादव निरहुआ फिल्म के अलावा राजनीति में भी काफी व्यस्त हो गइल बाड़ें। उनका ऊपर यूपी विधानसभा चुनाव के भी जिम्मेदारी दिआ गइल बा। एही के चलते उनके भी ज्यादा फिल्म ना आइल ह। बाकिर रोमियो राजा, जान लेबू का, हम हैं दूल्हा हिन्दुस्तानी, आए हम बाराती बारात लेके आइल ह, जवन थोड़ा मोड़ा व्यवसाय स्क्रीन पर कइले ह सन।

साल खतम हो रहल बा। 2022 आ रहल बा। भोजपुरी फिल्म में अवधेश मिश्रा प्रयोग कर रहल बाड़ें, अउरी लोग के भी आवे के चाहीं। बाकिर देखल जाय अगिला साल में भोजपुरी सिनेमा आपन कम्फर्ट जोन छोड़ी कि ना, ई त समय बताई।


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Hum BhojpuriaFebruary 17, 20221min2370

मनोज भावुक

2021 के शुरुआत जब भइल त कोरोना के पहिला त्रासदी के बाद लोग अपना घाव पर मरहम करत रहे। वैक्सीन भी आ गइल रहे अउरी मेडिकल आ फ्रन्टलाइन वर्कर लोग के लागत रहे। भारत के लगभग हर राज्य में सिनेमाघर आधा क्षमता के साथे खुल भी गइल रहे आ जीवन सामान्य होखे लागल रहे। तबले दुसरका लहर के दस्तक भइल आ देखते देखते एक महिना के भीतर उ तबाही मचा देहलस। लोग पर लोग मरे लागल। ओह लहर में बहुत तबाही मचल। बाकिर मई से 18 बरिस के ऊपर सभकरा के वैक्सीन लागे लागल त धीरे-धीरे कोरोना नियंत्रण में आइल चालू भइल जुलाई के बाद से। आ फेर लॉकडाउन के नियम में ढीलाई भइल आ फिल्म व्यवसाय जवन ठप्प हो गइल रहे, कोरोना नियम के पालन करत चालू भइल।

अब देखीं पिछला तीन चार महिना से सब बढ़िया से चले लागल बा त फेर ओमीक्रॉन वेरीएंट के चलते तीसरा लहर के डर सतावे लागल बा। जब अक्टूबर से पूरा भारत में सिनेमाघर खुले के घोषणा भइल बा तबसे बड़का फिल्म रिलीज होखे लागल। सबसे पहिले अक्षय कुमार के बेलबॉटम रिलीज भइल, जवन ठीक ठीक व्यवसाय कइलस। ओकरा बाद कंगना रनौत के थलाईवी रिलीज भइल जवन औसत व्यवसाय कइलस, बाकिर ओटीटी पर हिट भइल। अमिताभ बच्चन, इमरान हाशमी के फिल्म चेहरे रिलीज भइल त उ फ्लॉप हो गइल। ओकरा बाद आइल सूर्यवंशी जवन सुपर हिट भइल। अपना पहिला सप्ताह के कलेक्शन 120 करोड़ के कइलस आ कुल कलेक्शन 195 करोड़ के रहल खाली भारत में। बाहर के देश में भी सूर्यवंशी अच्छा कमाई कइलस अउरी साल 2021 के सबसे बड़ कमाई करे वाला फिल्म बन गइलस।

फेर दू गो ठग के कहानी पर बनल फिल्म बंटी और बबली के सीक्वल आइल जेमें नया बंटी अउरी बबली के लिआवल गइल। ई फिल्म बॉक्सऑफिस पर आपन कमाल ना देखा पवलस। कारण रहे, खराब पटकथा अउरी जबरदस्ती के सीक्वल बनावल। ई फिल्म साढ़े 12 करोड़ के आंकड़ा पर सिमट गइल अउरी फ्लॉप साबित भइल। ओकरा बाद सत्यमेव जयते 2 आइल जवन त अउरी खराब फिलिम रहे। जॉन अब्राहम के ई फिलिम जबरदस्ती के मसाला आ डायलॉग डालला के चलते एकदम पकाऊ फिल्म बनल। रिव्यू एतना बदतर मिलल कि जॉन के प्रशंसक के अलावा अउरी केहु ना गइल सिनेमाघर में एकरा के देखे। ई फिल्म के बजट 60 करोड़ के रहे आ कमइलस मात्र 13 करोड़। जेकरा चलते ई भइल फ्लॉप फिल्म।

एकरा अगिला दिने आइल सलमान खान आ उनके बहनोई आयुष शर्मा के फिल्म, ‘अंतिम – द फाइनल ट्रुथ’। ई फिल्म के तारीफ भइल आ लोग फिल्म देखे भी गइल। अच्छा कलेक्शन भी कइलस बाकिर फ्लॉप के तमगा मिलिये गइल। वजह रहे एकर 45 करोड़ के बजट आ टोटल कमाई 39 करोड़ के। बाकिर ई फिल्म ओटीटी पर भी बढ़िया चली एकर आशा बा। सुनील शेट्टी के बेटा अयान शेट्टी के लॉन्चिंग बड़ा हल्ला मचा के कइल गइल लेकिन बेचारु 30 करोड़ के बजट भी अपना फिल्म कॉलेक्शन ना निकाल पवलें। फिल्म 26 करोड़ के टोटल कमाई कइलस आ फ्लॉप हो गइल। हालांकि एकर शुरुआत बहुत बढ़िया भइल रहे पहिला वीकेंड में। जेंगा अउरी भी स्टार-पुत्र के साथे होला। अयान भी अपना अभिनय से लोग के प्रभावित ना कर पवलें। लीक से हटके फिल्म करे वाला आयुष्मान खुराना के फिल्म चंडीगढ़ करे आशिकी सेक्स चेंज करा चुकल एगो ट्रांसजेंडर के कहानी रहे, जवन रिव्यूअर के बड़ा प्रभावित कइलस। बाकिर फिल्म के बजट ढेर होखला के चलते फिल्म फ्लॉप के श्रेणी में शामिल हो गइल। फिल्म के टोटल कमाई साढ़े 26 करोड़ रहल आ बजट रहल 40 करोड़ रहल।

एह सब के बीच जवन फिल्म बहुत कमा रहल बा त उ बा हॉलीवुड फिल्म स्पाइडर मैन – नो वे होम आ दक्षिण भारत के अल्लु अर्जुन के फिल्म पुष्पा। ई दुनू फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रहल बाड़ी सन। एही बीच 24 तारिख के 1983 विश्वकप पर बनल फिल्म 83 भी रिलीज भइल ह। खूब हाइप आ पब्लिसिटी के बादो ई फिल्म उ तहलका नइखे मचा पवले। एह फिल्म के तारीफ भी बहुत भइल ह आ फिल्म बनल भी बहुत बढ़िया बिया बाकिर फिल्म ओह हिसाब से कलेक्शन नइखे कर रहल। कई गो मेट्रो सिटी में त मल्टीप्लेक्स 83 के स्क्रीन भी घटा रहल बाड़ें अउरी पुष्पा आ स्पाइडरमैन के शो बढ़ा रहल बाड़ें। पुष्पा हिन्दी में 66 करोड़ के कमाई कर लेहले बा अउरी करत जा रहल बा। स्पाइडरमैन खाली 183 करोड़ कमा चुकल बा अउरी आगे बढ़ रहल बा। फिल्म 83 अभी 66 करोड़ ही बटोर पवले बा जबकि फिल्म के बजट 200 करोड़ बा।

आवे वाला साल में भी शानदार फिल्मन के धमाका होखे वाला बा। जइस पहिले सप्ताह में रिलीज होई फिल्म आर।आर।आर। सुपरस्टार अजय देवगन, साउथ के सुपरस्टार जूनियर एनटीआर अउरी रामचरण तेजा आ आलिया भट्ट के ई फिल्म अभिए से बहुत लोकप्रिय हो रहल बा। लोग के यकीन बा कि ई फिल्म बाहुबली के रिकॉर्ड तूरी। फेर ओकरा अगिला सप्ताह भी एगो बड़ लव स्टोरी फिल्म राधे श्याम आवे वाला बा, ई भी बॉक्स ऑफिस पर विशेष कमाल देखाई। जनवरी में ही अपना अलग विषय आ फिल्म निर्माण शैली खातिर मशहूर विवेक अग्निहोत्री के फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ आई जवन कश्मीरी पंडितन के खूनी पलायन पर आधारित बा। ई फिल्म विदेशन में पहिले ही धूम मचा चुकल बा। ओहि बीच जॉन अब्राहम के एगो सुपरहीरो फिल्म ‘अटैक’ भी आवे वाला बा जेकर प्रोमो देखके लोग हॉलीवुड से तूलना कर रहल बा। अगिला साल में भारतीय सिनेमा के एगो बड़हन फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ भी आवे वाला बा जवना के कई साल से लोग प्रतीक्षा कर रहल बा। त रउआ भी तइयार रहीं 2022 में आवे वाला दमदार फिल्मन खातिर।

 


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Hum BhojpuriaDecember 29, 20211min2680

मनोज भावुक

सात जनवरी 2003 (मंगलवार) एन.एस.ई. ग्राउण्ड। बाम्बे एक्जिविशन सेंटर, गोरेगाँव (पूर्व) के ऊपरी हॉल में हिन्दी फीचर फिल्म ‘एतबार’ के शूटिंग चलत रहे। हम अपना अनुज धर्मेंद्र के साथे दिन के बारह बजे पहुँचनी। हालाँकि शुटिंग के निर्धारित समय रहे सुबह के 9 बजे से शाम के 6 बजे तक। एन.एस.ई. ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर खड़ा सुरक्षाकर्मी हमनी के रोकलस। हम आपन परिचय देत कहनी कि ‘सुजीत कुमार जी ने हमें आमंत्रित किया है।’ दरअसल ‘एतबार’ सुजीत कुमार जी के प्रोडक्शन ह आ निर्माता के रुप में ऊहाँ के अपना बेटा जतिन के नाम देले बानी। जब दिसम्बर 2002 के पहिला सप्ताह में हम ऊहाँ के इण्टरव्यू लेवे ऊहाँ के निवास स्थान पर गइल रहनी तब बातचीत के क्रम में ऊहाँ के बतइनी कि 22 दिसम्बर 2002 से 10 जनवरी 2003 तक ‘एतबार’ के शूटिंग बा। हमार बेटा जतिन एह फिल्म के निर्माता बाड़न आ सुपरहिट फिल्म ‘राज’ के निर्देशक विक्रम भट्ट एकर निर्देशक बाड़न। विपाशा बशु, जॉन अब्राहम आ अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में बा लोग। संगीत बा राजेश रोशन के। अपना घर के प्रोडक्शन बा…अपने आईं। जी जरुर… जरुर आइब। वादा करके हम वापस लौट आइल रहनी।

अतना फुर्सत ना रहे जे शुरु से अंत तक शूटिंग में हिस्सा लिहल जा सके।… अभी दिन तय करत रहीं कि हमार पोस्टिंग विदेश (युगाण्डा, पूर्वी अफ्रिका) में हो गइल। एही सिलसिला में पुनः मुम्बई(एयरपोर्ट) आवे के पड़ल। 6 जनवरी के हम मुम्बई पहुँचनी आ विदेश जाए संबंधी आपन व्यक्तिगत, काम निपटइनी।

रात के सुजीत कुमार जी के फोन कइनी। उहाँ के विहान भइला एन.एस.ई. ग्राउण्ड, गोरेगाँव में बोला लिहनी।
एन.एस.ई. ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर खड़ा सुरक्षाकर्मियन के पुछताछ चलत रहे कि सुजीत कुमार जी भीतर से सिगरेट के धुआँ उड़ावत बाहर निकलनी।

…. हमनी पर नजर पड़ल… हैलो हाय भइल फेर उहाँ के हमनी के लेके भीतर वापस लौट गइनी। कल आप लोग आते तो विपाशा व जॉन अब्राहम से भेंट हो जाती। ये देखिए… मैंने यहाँ स्ट्रीट लगवाई थी।…. कल की बारिश में विपाशा की शूटिंग हुई।… ये देखिए बारिश के लिए सारा इंतजाम यहाँ से था।…. आज शूटिंग ऊपर वाले हॉल में है।….अमिताभ बच्चन बैठे हैं।…चलिए…. आइए आइए।

हॉल बहुत छोट रहे। ओकरा के हॉल ना कहि के बड़ कमरा आ दालान कहल ढ़ेर ठीक होई। दालान के एगो कोना में अमिताभ बच्चन फूल गला के ब्लैक टी-शर्ट, ब्लैक जिन्स, ब्लैक शूज आ ब्लैक जैकेट पहिरले एक प एक धइल तीन गो कुर्सी पर बइठल रहलें। तीन गो कुर्सी पर बइठला से उनकर पैर फर्श पर सीधा रहे ना त मोड़ के बइठे के पड़ित।
अमिताभ बच्चन के ठीक सामने निर्देशक विक्रम भट्ट अपना टीम के साथे अगिला सीन के तैयारी में व्यस्त रहलन।

दू गो सीन शूट भइला के बाद लंच के टाइम हो गइल। हमार ध्यान एयरपोर्ट के तरफ गइल। कुछ काम बाकी रह गइल रहे। हम सुजीत कुमार जी से इजाजत मँगनी बाकिर ऊहाँ के रोक लिहनी-लंच करके जाइए। लंच के बाद दूसरा पाली के शूटिंग में भी हम रुक गइनी। दरअसल हम अमिताभ बच्चन से बातचीत करें के लोभ-संवरण ना कर पावत रहनी। तीन बजे शूटिंग शुरु भइल। सीन के तैयारी चलत रहे। अमिताभ बच्चन एकदम शान्त आ गंभीर बइठल रहले। मौका देखते हम उनका पास गइनी आ आपन परिचय दिहनी। अभी बातचीत शुरुये भइल कि एगो महिला आके उनकर चरण-स्पर्श कइली। अमिताभ ओने मूड़ गइलें- ‘सॉरी अभी पाँच मिनट बाद आपसे बात करते हैं।’३३बाकिर ऊ पाँच मिनट ओह दिन ना आ सकल। हम मन मसोस के रह गइनी।

बिहान भइला(8 जनवरी) हम तनी सेकराहे सेट पर पहुँच गइनी। थोड़ही देर बाद अमिताभ बच्चन के गाड़ी (क्ध्4ब्-20061) पहुँचल। ऊ सफेद पैजामा कुर्ता में रहलें। उनका साथे एगो सरकारी मशीनगनधारी, आपन निजी सुरक्षाकर्मी आ सचिव रहलें। गाड़ी से उतर के फिल्म के कॉस्ट्यूम धारण कइके ऊ सेट पर गइलें। हम ऊहाँ पहिलही से मौजूद रहीं। मन-मिजाज बनले रहे। मौका देखते सट गइनी।

टेक्नीशियन आ मेहमानन से खचाखच भरल ओह हॉल में बहुत अधिक बातचीत के गुंजाइश ना रहे। हम शार्ट-कट रास्ता अपनवनी।…. उहाँ के भोजपुरी के कुछ पत्र-पत्रिका भेंट कइनी आ भोजपुरी के सामर्थ्य से परिचित करइनी। भोजपुरी मे पत्र-पत्रिका देख के आ भोजपुरी साहित्य के उत्तरोत्तर विकास के बात सुन के ऊहाँ के आश्चर्यजनक प्रसन्नता व्यक्त कइनी आ खासकर के हमरा शोध पत्र ‘भोजपुरी सिनेमा के विकास-यात्रा’ के तारीफ करत एह शोध पुस्तक के मुख्य पृष्ठ पर आपन ऑटोग्राफ अंकित कइनी।

फेर उहाँ के शूटिंग शुरु हो गइल। अमिताभ बच्चन जी सुजीत कुमार के भोजपुरी फिल्म ‘पान खाए सइयाँँ हमार’ में त काम कइलहीं बानी, एकरा अलावा भी दर्जनों हिन्दी फिल्म जइसे कि लाल बादशाह, कोहराम, अदालत आदि में ऊहाँ के ठेठ भोजपुरी संवाद के सफल प्रयोग कइले बानी।
भोजपुरी सिनेमा के नायक दौर में अपना मेकअप मैन दीपक सावंत के तीन गो भोजपुरी फिल्म गंगाए गंगोत्री आ गंगा घाट में भी उहाँ के अभिनय कइनी।

हिन्दी सिनेमा के एह महान विभूति के पास आम शहरी हीरो लेखा आपन भाषा के प्रति मन में ना त कवनों संकीर्णता बा, ना ही हीन भावना। हिन्दी सिनेमा में भोजपुरी के ओकरा तेवर, टोन आ मिजाज के अनुरुप संवाद अदायगी खातिर भी अगर कवनों अभिनेता के याद कइल जाई त निश्चित रुप से ऊ पहिला नाम ई गंगा किनारे वाला छोरा अमिताभ बच्चन के।


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Hum BhojpuriaNovember 15, 20211min2560

लेखिका: सुरभि सिन्हा

बंटी दुबे सिनेमा जगत के एगो अइसन नाम, जे झारखण्ड के एगो छोट जिला से निकलके बॉलीवुड तक के सफर तय कइलन अउर आपन पहचान बनवलन। बंटी दुबे आज कवनो पहचान के मोहताज नइखन। ई आपन लगन आ मेहनत से साबित कर दिहलन कि अगर इंसान कुछ करे के ठान लेव त ओकरा के आपन मंजिल पावे से केहू रोक ना सकेला।

साल 1988 में झारखंड के मेदिनीनगर (पलामू) में एगो ब्राह्मण परिवार में जनमल बंटी दुबे के बचपन से ही सिनेमा देखे के बड़ा शौक रहल। पढ़ाई-लिखाई के दौरान बंटी दुबे दिल्ली में रह रहल आपन बड़ भाई पिंकू दुबे के पास जाए के मौका मिलल। उहाँ ऊ आपन भाई के थियेटर में हिस्सा लेत देखलन, त उनको मन में थियेटर के प्रति रुझान पैदा भइल। एकरा बाद बंटी जबे-तबे आपन भाई के पास दिल्ली जाए लगलन आ उनके साथे थियेटर में हिस्सा लेवे लगलन। एकरा बाद उ आपन भाई के मदद से हिमाचल कल्चरल रिसर्च फोरम एंड थियेटर एकेडमी (एचसीआरएफटीए), मंडी हिमांचल प्रदेश में दाखिला ले लेहलन और उहां से प्रशिक्षण लेहला के बाद रुख कइलन सपनन के नगरी मुंबई के ओर। मुंबई जा के खुद के स्थापित कइल एतना आसान ना रहे जेतना बंटी दुबे सोचले रहलन। ऊ दिन आ रात अपना के स्थापित करे खातिर मेहनत कइलन। उनकर मेहनत तब रंग ले आइल जब उनका के साल 2007 में सहारा वन के धारावाहिक जर्सी नंबर 10 में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करे के मौका मीलल। इ धारावाहिक बंटी खातिर बंद किस्मत के दरवाजा खुले जइसन रहे। एह धारावाहिक के बाद बंटी के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर कई गो आउर प्रोजेक्ट में काम करे के मौका मिलल, जेकरा में कैसी लागी लगन, रिलायंस एंटरटेनमेंट के शो हॉरर नाइट सहित कईएक धारावाहिकन के साथे कई गो बड़हन ब्रांड के विज्ञापनन आउर साउथ के कई गो फिल्म भी शामिल बा। एही दौरान बंटी कईअन शॉर्ट फिल्म के भी निर्देशन कइलन जवना के कई गो फ़िल्म फेस्टिवल में सराहल गइल। इनकर शॉर्ट फिल्म में द स्टोरी,चोर, क्विट, हामिद,पजल आदि शामिल बा। हमरा (सुरभि सिन्हा) से बातचीत में बंटी दुबे बतवले कि उनके द्वारा निर्देशित शॉर्ट फिल्म क्विट के कांस फिल्म फेस्टिवल में देखावल गइल रहे। एकरा बाद बंटी हिंदी सिनेमा में ही एगो फिल्म बनावे के तैयारी में लाग गइलन आउर फिल्म जैकलीन आई एम कमिंग के निर्देशन कइलन, जवन साल 2019 में रिलीज़ भइल रहे। एह फिल्म में रघुवीर यादव आ धनोया मुख्य भूमिका में रहे लोग।

फिल्म जैकलीन आई एम कमिंग एक 40 साल के अविवाहित हिंदू व्यक्ति काशी तिवारी (रघुवीर यादव) के कहानी हवे। काशी के चर्च में जैकलीन (दीवा धनोया) से भेंट होता आ उनका जैकलीन से प्यार हो जाता। दूनो लोग शादी कर लेता। एह फिल्म के समीक्षक लोग आ दर्शक लोग बहुत सराहल। मनीष गिरी एह फिल्म के निर्माता हवन। पिंकू दुबे एकर लेखक हवन। बंटी दुबे आज कल एगो अउरु फिल्म बनावे के तैयारी में बाड़न, जेकरा में उ बॉलीवुड के कौनो बड़ा अभिनेता के लिहन। कोरोना महामारी के कारण देश में लागल लॉकडाउन के चलते बंटी आपन अगला फिल्म के ऐलान ना कइलन, लेकिन बंटी जल्दिये आपन फिल्म के ऐलान करिहन। फिलहाल बंटी के आवे वाला ई फिल्म के बारे में ज्यादा जानकारी त ना बा, लेकिन बंटी कहत रहन कि कई बड़हन अभिनेता लोगन से बात चलता जइसही फिल्म खातिर कवनो अभिनेता फाइनल हो जइहें हम अन्नोउंसमेंट कर देब। बंटी दुबे आज अपना क्षेत्र के ओह हर युवा खातिर उदाहरण बाड़न जे छोट शहर से आपन सपना पूरा करे खातिर बड़ शहर में आवेला लेकिन कठिन परिस्तिथि के आगे जल्दिये हार मानके घुटना टेक देवेला। बंटी दुबे के उनकर आवे वाला जीवन अउर फिल्म खातिर भोजपुरी जंक्शन के तरफ से शुभकामना!

 


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Hum BhojpuriaNovember 15, 20211min2710

लेखक: मनोज भावुक

हर साल 14 सितंबर के हमनी के मातृभाषा हिन्दी के सम्मान में हिन्दी दिवस मनावेनी जा। हिन्दी एगो सेतु भाषा भी ह, दू अलग अलग लोक भाषा के बोलनिहार के बीच संवाद खातिर। हालांकि हिन्दी के एह उपयोगिता पर बार बार विदेशी भाषा अंग्रेजी के प्रहार होत रहल बा लेकिन तबो हिन्दी आपन दमखम बनवले बिया आ धीरे धीरे विदेश में भी आपन असर देखा रहल बिया। कवनो भी भाषा के दोसरा क्षेत्र में भी लोकप्रिय करे में ओकरा सिनेमा के बड़ जोगदान रहेला। हिन्दी के विदेशन में बढ़त लोकप्रियता के एगो कारण हिन्दी सिनेमा भी बा। बहुते लोग हिन्दी एह से सीखेला कि उ इहाँ बनल सुंदर फिल्मन के देख सके, ओकर सही ढंग से आनंद ले सके। रउआ ई त जानते होखब कि राज कपूर के एक टाइम में विदेशन में बहुत फैन रहलें। बाद के हिन्दी फिल्म के सुपरस्टार लोग के साथे भी अइसन रहल बा। अब जइसे शाहरुख खान के फैन मिडल ईस्ट में बहुत बाड़ें, उहाँ शाहरुख के फिल्म बड़ा चाव से देखल जाला। दक्षिण भारत के फिल्मन में जे तरे उहाँ के साहित्य के महान कृति के रूपांतरण भइल बा, ओह तरे हिन्दी फिल्मन में त नइखे भइल। बाकिर अइसनो नइखे कि साफे नइखे भइल। हिन्दी सिनेमा में भी कइगो फिल्मन के कहानी हिन्दी साहित्य के बड़ उपन्यास भा कहानी से लिहल गइल बा। हालांकि अंग्रेजी आ दूसर कवनो भाषा में लिखल उपन्यास अउरी कहानी पर हिन्दी में ज्यादा फिलिम बनल बा, बजाय हिन्दी के। अब एकरा के दुर्भाग्य कह लीं भा विडंबना। एगो बड़ हिन्दी सिनेमा के आलोचक अपना रिपोर्ट में लिखले रहलें कि एह घरी के अधिकांश हिन्दी फिल्म निर्देशक अगर कवनो साहित्य पढेलें त उ अंग्रेजी, स्पैनिश भा दोसर भाषा के होला, हिन्दी साहित्य के उ लोग पूछबो ना करेला। कहे के माने बा फिलिम बनावे के बा हिन्दी में, रोटी कमाए के बा एही से बाकिर साहित्य पढ़ल जाई विदेशी। रउआ लोग के ई जान के बड़ा हैरत होई कि अधिकतर हिन्दी सिनेमा के स्क्रिप्ट अंग्रेजी में लिखाला। अगर संवाद भी लिखल जाला त उ रोमन लिपि में होला। कहे के माने कि कुछ अपवाद के छोड़ दीं त निर्देशक से लेके कलाकार ले हिन्दी सिनेमा से आपन कला अउरी पेट के भूख मिटावता बाकिर हिन्दी भाषा से ओकरा कवनो लसी-धागा नइखे रखे के। का बताईं, ई तथ्य जान के कई बार बहुत दुख होला।

हम टीवी उद्योग में लगभग डेढ़ दशक से बानी। एक बार एगो टीवी चैनल के घटना बतावsतानी। एगो निर्माता अपना सहायक के साथे आपन सीरियल के प्रोजेक्ट लेके चैनल के दफ्तर गइलें। उहाँ शानदार एसी रूम में एगो अंग्रेजी दां मेम बइठल रहली, उमीर लगभिग निर्माता के बेटी के बराबर होई, माने 25 से 30 के बीच में। उहे कहानी सुन के आपन हामी भरती त बात आगे बढ़ित। कहानी के नैरेशन भइल, ओकरा बाद उ अंग्रेजिए में पुछली कि एकर ओरिजनल लेखक के ह। निर्माता कहलें प्रेमचंद। उ कहली कि कहानी त हमरा अच्छा लागल ह बाकिर हमनी के ओरिजनल राइटर से भी एक बार मीटिंग कइल चाहतानी जा। इस सुन के बेचारु निर्माता के त जोर के हंसी आइल बाकिर उ अपना के रोक लिहलें आ कहलें कि मैडम हम एक बार मीटिंग फिक्स करे के कोशिश करब, आ बाहर चल अइलें। बाहर आवते उ ठठा के हँसले। उनके सहायक पुछलस, काहें ना कहनी हँ कि प्रेमचंद से मिले के बा त उपरे चल जा, उहाँ फुरसत में भेंटा जइहें।

तs, ई कुल्ह हाल चाल बा एह बेरा के हिन्दी सिनेमा के रोटी खा रहल लोग के। खैर, हम रउआ के कुछ अइसन फिल्मन के नाम बताएब जवन हिन्दी के उत्कृष्ट कृति पर बनल बाटे। प्रेमचंद पर बात भइल ह त उनकरे सबसे प्रसिद्ध उपन्यास गोदान पर साल 1963 में फिल्म गोदान बनल रहे, राजकुमार और कामिनी कौशल ओह में मुख्य भूमिका में रहे लोग। एही फिल्म में गीतकार अंजान अपना करियर के शुरुआती हिट गीत लिखले रहलें। फिल्म बड़ा सुंदर बनल रहे आ लोग अभिनो एकरा के पसंद करेला। प्रेमचंद के ही लोकप्रिय उपन्यास गबन पर 1966 में ‘गबन’ नाम से फिल्म बनल जे में सुनील दत्त अउरी साधना रहे लोग। ई फिल्म कृष्ण चोपड़ा आ ऋषिकेश मुखर्जी मिल के निर्देशित कइले रहे लोग। प्रेमचंद के कहानी ‘शतरंज के खिलाड़ी’ पर एही नाम से फिल्म भी बनल 1977 में। एकर निर्देशक महान निर्देशक सत्यजीत रे रहलें। एह फिल्म के ओ साल के सर्वश्रेष्ठ फिल्म के श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलल। सत्यजीत रे पर प्रेमचंद के रचना संसार के बहुत असर रहे। उ ओम पूरी अउरी स्मिता पाटील के ले के फिल्म सद्गति बनवलें। ई फिल्म भी प्रेमचंद के एही नाम के कहानी पर आधारित रहे।

भीष्म साहनी के हिन्दी सिनेमा से एगो रिश्ता रहे, हालांकि हिन्दी सिनेमा से ना जुडलें बाकिर उनके भाई बलराज साहनी हिन्दी के एगो प्रतिष्ठित अउरी सफलतम कलाकार मानल जालें। भीष्म साहनी के कई गो नाटक के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में प्रस्तुति भइल। उनके लिखल स्क्रीनप्ले पर चर्चित टीवी शो तमस बनल। भगवती चरण वर्मा के लिखल चित्रलेखा हिन्दी के बड़ उपन्यास ह, ओ पर किदार शर्मा 1941 अउरी 1964 में दू बार हिन्दी फिल्म बनवलें अउरी दुनू सफल भइल। फणीश्वर नाथ रेणू के हिन्दी साहित्य में एगो बड़ साहित्यकार के दर्जा मिलल बा। उनके लिखल कहानी मारे गए गुलफाम पर आधारित फिल्म तीसरी कसम बनल जवन हिन्दी सिनेमा के क्लासिक फिल्म मानल जाले। एह फिल्म के निर्माता गीतकार शैलेन्द्र रहलें। 1978 के सफलतम फिल्म में से एक ‘पति पत्नी और वो; कमलेश्वर के लिखल कहानी पर रहे। उहे एह फिल्म के स्क्रीनप्ले भी लिखलें।

अउर भी कई गो बड़ फिल्मन के नाम बा जवन हिन्दी साहित्य के बड़ कृतियन पर बनल बा।

 

 

 

 

 

 

 


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Hum BhojpuriaOctober 22, 20211min3280

मनोज भावुक

भादो चल रहल बा, अबे कुछ दिन पहिले सावन बीतल ह। ई दुनु महीना सबसे ढेर बरखा खातिर जानल जाला। ई महीना किसान के होठे मुस्की लिआवेला, त गोरी के अपना प्रेमी के इयाद में तड़पावेला। कहल जाला कि सावन में बड़ा त्योहार अउरी उत्सव होला त भादो आवते सब बंद हो जाला। भादो के लेके कई गो लोकोक्ति भी बा। जइसे भादो में काम धंधा चौपट हो जाला। कुछ लोग कहेला कि ‘का हो, एहि आँखि भादो खेपबs! कहे के माने कि भादो के भीषण बरखा खाली बूंदे ना विपत्ति के ओला भी ले आवेला। एगो इहो मुहावरा फेमस बा कि सावन में जनमलs आ भादो में बाढ़ आइल आ कादो अइसन बाढ़े ना देखनी। खैर…

ई सावन-भादो से सिनेमा उद्योग हमेशा मलाइये चांपेला। गाना बा, ‘मेरे नैना सावन भादो, फिर भी मेरा मन प्यासा’। बाकिर सिनेमा आ संगीत के मन एही मौसम में त प्यास बुझावेला।

सिनेमा में बारिश के ऊपर बहुते फिलिम बनल बा। कई गो फ़िल्मन के नामे बरखा के ऊपर रखाइल बा। कई गो फ़िल्मन में बारिश के गीत ओकर मुख्य आकर्षण बा आ ओकर बॉक्स ऑफिस बिजनेस पर बड़ा प्रभाव छोड़ले बा। कुछ फ़िल्मन में बारिश के इर्द गिर्द ही कहानी भा पटकथा बुनल बा। कई गो में बारिश के दृश्य क्लाइमेक्स के सीन बनल बा। अक्सर फ़िल्मन के फाइट सीन में गंभीरता देखावे खातिर बारिश के प्रयोग कइल जाला। फिल्मकारन खातिर बारिश एगो अइसन डिवाइस बा कि जब फ़िल्म के कवनो दृश्य में वीभत्सता लिआवे के होला, शोक लिआवे के होला त बारिश के इस्तेमाल कइल जाला। रउआ अक्सर देखले होखब, फ़िल्म के कवनो विशेष किरदार के मृत्यु भइल त बरखा होखे लागी, अगर कवनो किरदार बहुत उदास बा, टूट गइल बा त बरखा होखे लागी। इहाँ तक कि हॉलीवुड में भी मुख्य किरदारन के मरला पर जब लोग ओकनी के अंतिम क्रिया कइल जाला त बरखा के माहौल सेट रहेला ताकि सीन में इंटेंसिटी आवे। आ ई सच बा कि बरखा दृश्य में गहनता लिआवेला। रउआ सभे एह बात के मानब कि जवन बरखा कवनो कवनो दृश्य में खुशी अउरी उन्माद के कारण बनेला, हीरो-हिरोइन के बीच प्यार के बिया पोंगावेला; उहे बरखा कबो मातम के गवाह बनेला त कबो क्रूरता अउरी हिंसा के समर्थक बनेला।

इहे बा बरखा के अनेक रूप, जवना के फ़िल्मकार लोग बढ़िया से बूझेला अउरी परिस्थिति के हिसाब से प्रयोग करेला। चलीं कुछ फ़िल्मन के मिसाल ले लिहल जाव जहाँ बरखा के दृश्य फ़िल्म के कहानी के विकास खातिर बड़ घटक बनल। 1959 के फ़िल्म ‘कागज के फूल’ देखले होखब। फ़िल्म में निर्देशक के भूमिका निभा रहल गुरुदत्त जब एगो बेसहारा सुंदर युवती शांति से मिलsतारें त बरखे बरसत बा। दिल्ली के उ रात के बरखा में बेचारी एगो युवती के बरखा में भीजत देख गुरुदत्त आपन कोट दे देतारें। उनके किरदार टैलेंट स्काउटिंग खातिर आइल रहत बा जवन अपना फिलिम के हीरोइन खोज रहल बा। बाद में उ युवती जब बम्बई जा तिया त उनके कोट लौटावत बिया आ एही क्रम में अइसन घटना होत बा कि गुरुदत्त के शांति में आपन फ़िल्म के हीरोइन लउक जात बिया। असहीं फ़िल्म ‘थ्री इडियट्स’ में बारिश के दू जगह बखूबी प्रयोग भइल बा। पहिला जब एगो मेधावी इंजीनियरिंग छात्र जॉय लोबो पढ़ाई आ प्रिंसिपल के प्रेशर में आत्महत्या कर लेता तब ओकरा अंतिम क्रिया के टाइम बरखा के इस्तेमाल बा। दुसरका जब फ़िल्म के क्लाइमेक्स बा। अति-स्वाभिमानी प्रिंसिपल के बड़ बेटी के जब डिलीवरी के टाइम आवsता अउरी भीषण बरखा के चलते चारु ओर पानी भर जाता, कवनो उपाय नइखे रहत कि ओके हॉस्पिटल ले जाइल जाव तब हीरो रैंचो ओही बरखा के त्रासदी के बीच डिलीवरी करवावत बा। ई दृश्य एक तरह से फ़िल्म के क्लाइमेक्स ही बा। एकरा बादे सब कुछ बदल जाता।

फ़िल्म ‘तुम मिले’ इमरान हाशमी अउरी सोहा अली खान के फ़िल्म ह जवन मुम्बई में 2005 में आइल भयंकर बाढ़ के आस-पास सेट बा। फ़िल्म में हीरो हीरोइन पहिले से एक दूसरा के साथे रहि चुकल बाड़ें। फेर अचानक 6 साल बाद मुम्बई में भारी बरखा के चलते भीषण बाढ़ में फँसल एक दूसरा से मिलत बाड़ें। पूरा फ़िल्म एही बाढ़ से जीवटता के लड़ाई पर बा। ई फ़िल्म भी बड़ा देखल गइल। बारिश के बैकड्रॉप में ताल फ़िल्म सेट बा। पूरा फ़िल्म में जेतना भी दृश्य पहाड़ के बा, उहाँ बरखा के बहुते देखावल गइल बा। एकर कारण ई भी बा कि ओहसे पहाड़न के खूबसूरती बढ़ जाता। ‘ताल से ताल मिला’ गाना के के भुला सकेला। लगान फ़िल्म के ‘बरसो रे मेघा-मेघा’ किसानन के उ दर्द बयां कइले बा कि कइसे सूखा के बेरा किसान हरदम आसमान के ओर आंख टिकवले रहेला।

 

राज कपूर साहब के त 1949 में बरसात नाम के फ़िल्म आइल, जवन बहुत हिट रहल। फ़िल्म श्री 420 में राज साहब बरखा में ही ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’ गवलें। फ़िल्म छलिया (1960) के गाना ‘डम डम डिगा डिगा’ त राज साहब के हिट गीतन में बटले बा, आजुओ लोग के जुबान पर बा। हालांकि बरसात नाम से दु गो फिलिम अउरी आइल। साल 1995 में बॉबी देओल, ट्विंकल खन्ना के आ फेर साल 2005 में बॉबी देओल, विपाशा बसु अउरी प्रियंका चोपड़ा के।

‘टिप-टिप बरसा पानी’ गाना में बरसत पानी अउरी पियर साड़ी में नाचत रवीना आ करिया कोट में नाचत अक्षय सभकरा इयाद होइयें। ई गाना त बूझी जे सिनेमा में बरखा के पर्याय बन गइल बा।



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