कुछु बा ना बाकिर बहुत कुछ बा…

कुछु बा ना बाकिर बहुत कुछ बा...

By:
Posted: January 30, 2020
Category: संपादकीय
Tags: , , , ,
Comments: 0

संपादक- मनोज भावुक

हमनी के सफर में बानी जा, यात्रा में... 'गांधी संकल्प-यात्रा'। एह यात्रा में शामिल होखे के सौभाग्य हमरा भेंटाइल आ हमरा कमजोर कान्ह पर बड़ जिम्मेदारी सौंप दिहल गइल; सांस्कृतिक टीम के लीड करे के, संकल्प यात्रा के थीम गीत लिखे के आ चार महीना पूरा यात्रा के दौरान देश के कोना-कोना में, सुदूर देहात में, भव्य मंच से लेके नुक्कड़ आ चौक-चौराहा पर मंच-संचालन के। काम से अधिक खुशी आ संतोष एह बात के रहे कि एह यात्रा के परिकल्पक, एह यात्रा के नेतृत्त्वकर्ता प्रसिद्ध समाजसेवी, उद्योगपति, राज्यसभा सांसद आदरणीय रवींद्र किशोर सिन्हा जी हमरा पर भरोसा कइनी।

यात्रा आगे बढ़ल। कइसे-कइसे आगे बढ़ल... ई जाने खातिर सिन्हा साहब के यात्रा-डायरी पढ़ीं। हमरा खातिर त 'जिंदगी इक सफर है सुहाना अउर यात्रा के संकल्प को है जन-जन तक पहुंचाना'.... इहे उद्देश्य रहे, इहे भाव रहे जवना के लेके बीच दरिया में बेधड़क उतर गइनी। बात अतने ले ना रहे। बात आगे बढ़ल अउर हमरा जइसन बंजारा के कान्ह पर ठहर के करे वाला एगो काम, जिम्मेवारी सउंपल गइल 'हम भोजपुरिआ' ई-पत्रिका आ डिजिटल प्लेटफॉर्म के संपादन।

'हम भोजपुरिआ'

17 सितंबर, 2019 के इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में 'हम भोजपुरिआ' के सोशल मीडिया पेज आ ट्विटर हैंडल के घोषणा भइल बाकिर गांधी संकल्प यात्रा के दौरान 'हम भोजपुरिआ' ई-पत्रिका आ डिजिटल प्लेटफॉर्म के भी योजना बनल। योजना एह से बनल कि 'हम भोजपुरिआ' भोजपुरिअन के आवाज बने। नेता, अभिनेता आ जनता के आवाज बने। सड़क के आवाज संसद तक आ संसद के आवाज सड़क तक पहुंचे। 'हम भोजपुरिआ' भोजपुरी के सामर्थ्य से दुनिया के परिचय करावे। इहे सब सोच के डेग आगे बढ़ावल गइल बा।
सांच पूछीं त भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन अउर विकास खातिर; देश के दशा अउर दिशा बेहतर बनावे में भोजपुरिअन के योगदान खातिर अउर नया प्रतिभा के मंच देवे खातिर समर्पित बा 'हम भोजपुरिआ'। हम मतलब हमनी के सब। सबकर साथ सबकर विकास।



भोजपुरी के थाती, भोजपुरी के धरोहर, भूलल-बिसरल नींव के ईंट जइसन शख्सियत से राउर परिचय करावे के बा। ओह लोग के काम के सबका सोझा ले आवे के बा अउर नया पीढ़ी में भोजपुरी खातिर रुचि पैदा करे के बा। नया-पुराना के बीच सेतु के काम करी 'हम भोजपुरिआ'। देश-विदेश के भोजपुरिअन के कनेक्ट करी 'हम भोजपुरिआ'। साझा उड़ान के नाम ह 'हम भोजपुरिआ'। आईं साथे चलीं... सहयोग करीं... आगे बढ़ीं... उड़ीं आ आकाश के छू लीं.....

समहुत अंक : महात्मा गांधी विशेषांक

शुरू कहां से कइल जाय। चिंतन-मनन जारी रहे। हमरा लागल कि हिन्दुस्तान खातिर आ एह समय खातिर जबकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती पूरा देश सेलिब्रेट कर रहल बा, गांधी से बेहतर नायक के हो सकेला। 'हम भोजपुरिआ' के समहुत अंक (पहिलका अंक) बापू पर निकले, इहे तय भइल। सिन्हा सर के मोहर लागल आ बात पक्का हो गइल।

अब अगिला लड़ाई कंटेंट के रहे

गांधी जी पर मौलिक सामग्री आई कहां से? खोजाई शुरू भइल आ उम्मीद से बेसी सफलता मिलल। पहिलके अंक से लेखक आ शोधकर्ता भाई लोग से जवन सहयोग आ समर्थन मिलल शुरू भइल बा, ओह से मन बढ़ल बा, काम करे खातिर ऊर्जा मिलल बा। हमरा जानकारी में भोजपुरी भाषा में गांधी जी पर अब ले जवन काम भइल बा ओह सब के रउरा सोझा परोसे के कोशिश कइले बानी। हमरा से कुछ छूटलो होई। रउरा बताएब आ सामग्री हमरा तक पहुंचावे में मदद करब त आगे के अंकन में ओहू सब काम के जिक्र कइल जाई। एह विशेषांक खातिर गांधी जी पर लिखाइल किताब आ पत्रिका हमरा के सुलभ करावे में डॉ० ब्रजभूषण मिश्रा, महामाया बाबू, डॉ० आनंद 'संधिदूत', जलज कुमार अनुपम, कुंदन सिंह आ अमरेन्द्र कुमार आर्य के विशेष सहयोग बा। हम आभारी बानी।

'हम भोजपुरिआ' के पहिला अंक

'महात्मा गांधी विशेषांक' रउरा सोझा बा। एह अंक के साथे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यात्रा शुरू हो गइल बा। पहिला कदम... पहिला डेग बा। पहिलौंठी के लइका बड़ा प्यारा होला। राउर बधाई, राउर शुभकामना, राउर सुझाव, राउर सलाह, राउर ओरहन सब सर माथा पर। इंतजार बा रउरा चिट्ठी-चपाठी के, लेख-आलेख के अउर संवाद के।

 

Hey, like this? Why not share it with a buddy?

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


About us

भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति  के सरंक्षण, संवर्धन अउर विकास खातिर, देश के दशा अउर दिशा बेहतर बनावे में भोजपुरियन के योगदान खातिर अउर नया प्रतिभा के मंच देवे खातिर समर्पित  बा हम भोजपुरिआ। हम मतलब हमनी के सब। सबकर साथ सबकर विकास।

भोजपुरी के थाती, भोजपुरी के धरोहर, भूलल बिसरल नींव के ईंट जइसन शख्सियत से राउर परिचय करावे के बा। ओह लोग के काम के सबका सोझा ले आवे के बा अउर नया पीढ़ी में भोजपुरी  खातिर रूचि पैदा करे के बा। नया-पुराना के बीच सेतु के काम करी भोजपुरिआ। देश-विदेश के भोजपुरियन के कनेक्ट करी भोजपरिआ। साँच कहीं त साझा उड़ान के नाम ह भोजपुरिआ।


Contact us



Newsletter

Your Name (required)

Your Email (required)

Subject

Your Message