रूस-यूक्रेन झगड़ा के बिया त बहुत पहिले रोपा गइल रहे

रूस-यूक्रेन झगड़ा के बिया त बहुत पहिले रोपा गइल रहे

By:
Posted: May 6, 2022
Category: आवरण कथा
Comments: 0

मनोज भावुक

रूस यूक्रेन युद्ध के चलत सवा महीना से ऊपर हो गइल बा अउरी यूक्रेन के हजारो नागरिक आ दुनू ओर के मिला के हजारों सैनिक के जान चल गइल बा। शहर के शहर तबाह भइल बाड़s सन तवन त अलगे बा। युद्ध हमेशा जान माल के नुकसान ही लेके आवेला।

अब रिपोर्ट्स के हिसाब से रूस आपन समर नीति में बदलाव कइले बा। उ अपना सिपाहियन के जुटा रहल बा ताकि फेर से सक्रिय युद्ध कर सके। अभी यूक्रेन में रूस के गोलाबारी कम भइल बा। रूस एह फिराक में बा कि यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र के अपना अधिकार क्षेत्र में पूरा तरह से ले लेव। एही के चलते उ डोनबास पर ही केंद्रित कइले बा। रूस के ई योजना भी बा यूक्रेन आर्मी जवन पूरब में लड़ रहल बा, ओकर जरूरी सामान के आपूर्ति बंद कइल जाव। एही के चलते उ ईंधन, गोला बारूद के खेप पर धावा बोल रहल बा। रूस चाहत बा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी मजबूर होखस आ यूक्रेन के पूर्वी भाग में स्थित डोनबास अउरी क्रिमिया के रूस के अधिकृत राज्य मान लेस। देश दुनिया के समर विशेषज्ञ ई कह रहल बाड़ें कि रूस यूक्रेन के दू हिस्सा में बांटे चाहत बा, काहें कि उ अकेले सगरो यूक्रेन पर आधिपत्य ना जमा पाई। जइसन रूस के युद्ध नीति चल रहल बा, ओकरा हिसाब से रूस यूक्रेन के अंदर बॉउन्ड्री लाइन खींचे में सफल हो जाई।

रूस-यूक्रेन झगड़ा के बिया आज से नइखे बोआइल। ई सोर पुरान बा अउरी सगरो यूक्रेन में फइलल बा। बात ह 2014 के जब रूस यूक्रेन के हिस्सा में रहे वाला राज्य क्रीमिया के अपना अधिकार में ले लेहलस। रूस तब डॉनबास के पूर्वी हिस्सा भी अपना अधिकार में ले लेहलस। ओह साल भी बड़ा हो हल्ला भइल, काफी नुकसान भइल, तबे से ई सीमा-विवाद चल रहल बा। दुनू ओर कूटनीतिक रूप से दांव पेंच त लगातारे होत रहल बा। पूर्ण रूप से युद्ध अब जाके चालू भइल बा जब यूक्रेन के भविष्य दांव पर लागल बा, साथही रूस के भी। काहें कि नुकसान त दू-तरफा बा।

रूस-यूक्रेन विवाद के इतिहास का बा -

रूस अउरी यूक्रेन एक जइसन सांस्कृतिक विरासत साझा करे वाला दू देश हवें। उहाँ भाषा के भी बहुत हद तक समानता बा। यूक्रेन के सीमा उत्तर में बेलारूस, पुरुब में रूस, आजोव के सागर आ दक्षिण में काला सागर, दक्षिण पश्चिम में मालडोवा आ रोमानिया अउरी पच्छिम में स्लोवाकिया, हंगरी आ पोलैंड से संबंधित बा। एह बेरा जवन युद्ध चल रहल बा, उ रूस के ओर से चल रहल बा। यूक्रेन यूरोप महाद्वीप के रूस के बाद दूसर सबसे बड़ क्षेत्रफल वाला देश ह। साथे, सबसे गरीब यूरोपीय देश भी मानल जाला। सभे जानत बा कि यूरोप कई सौ वर्ष से सगरी महाद्वीपन पर आपन कॉलोनी बनावे में आगे रहल बा अउरी उहाँ सबसे पहिले औद्योगिक क्रांति भइल, एही के चलते समृद्धि के मामले में यूरोपी देश सबसे आगे बाड़ें सन बाकिर यूक्रेन  एमें सबसे पीछे बा।

18वीं शताब्दी में रूस के महारानी कैथरीन द ग्रेट यूक्रेन के रूस में मिला लेहली। तब यूक्रेन एगो जातीय समूह रहे जवन एगो भूभाग पर निवास करे। जब रूसीकरण बढ़ल त यूक्रेन के जातीय आ भाषायी पहचान के मिटावल चालू भइल। ई त सबसे पहिले होला जदी कवनो देश भा संप्रभु राज्य के समाप्त करे के बा त ओकर पहचान मिटावल जाला। हालांकि समय के मांग के चलते यूक्रेनी लोग आपन संघर्ष रोक के रूस के ही तंत्र में सम्मिलित होत गइल। हालांकि यूक्रेनी लोग में स्वतंत्रता के आग शांत ना भइल रहे, एही के चलते उ आपन जनमत संग्रह में लागल रहलें। जब प्रथम विश्वयुद्ध भइल तब सगरो राजनीतिक समीकरण बदलल। 1922 में यूक्रेन भी यूएसएसआर (सोशलिस्ट रिपब्लिक) के हिस्सा बन गइल।

करीब 70 साल बाद जब 1991 में सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक के विघटन भइल तब यूक्रेन भी स्वतंत्र राष्ट्र बनल। हालांकि यूक्रेन के स्वतंत्रता के मांग कई साल पहिले से जोर शोर से उठे लागल रहे। 1990 में करीब तीन लाख से अधिक यूक्रेनी लोग मानव शृंखला बना के प्रदर्शन कइले रहे। एकरा बाद यूएसएसआर के खात्मा के बाद 24 अगस्त 1991 मे सोशलिस्ट रिपब्लिक के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव के हटा दिहल गइल। यूक्रेन के संसद स्वतंत्रता अधिनियम बनवलस आ संसद के प्रमुख लियोनिद कार्वाचुव यूक्रेन के पहिला राष्ट्रपति बनलें।

रूस यूक्रेन विवाद कइसे शुरू भइल-

यूक्रेन में अइसन लोग के भी समूह रहल बा जवन शुरू से अपना के रूस के हिस्सा मानत आइल बा अउरी उ अक्सर रूस के साथे भी खड़ा रहल बा। यूक्रेन के स्वतंत्रता के बाद से ही अलगाववाद के आग सुलगत रहल बाकिर 2004 में रूस समर्थक विक्टर यानुकोविच के राष्ट्रपति बनला के बाद यूक्रेन अउरी रूस के बीच नजदीकी आवे लागल। बाकिर आंतरिक धांधली के आरोप में विक्टर के संलिप्त होखला के चलते चुनाव भइल। पूर्व प्रधानमंत्री युशचेंको 2005 में राष्ट्रपति बनले अउरी यूक्रेन के पश्चिमी देशन के साथे गठबंधन में जाए के प्रयास कइलें। उ नाटो के सदस्य बने खातिर कोशिश में लाग गइलें। 2008 में नाटो यूक्रेन से वादा कइलस कि उ जल्दी ही आपन सदस्य बनाई।

बाकिर फेर राष्ट्रपति चुनाव भइल अउरी 2010 में विक्टर यानुकोविच फेर रूस के राष्ट्रपति बनलें। उ काला सागर के बंदरगाह पर रूस के साथ सौदा कइलें अउरी रूसी नौसेना के बंदरगाह पर लीज देहला के बदले गैस मूल्य समझौता भइल। फेर रूस आ यूक्रेन के बीच नजदीकी आइल। उ पश्चिमी देशन से चल रहल व्यापार समझौता अउरी नाटो आ अन्य पश्चिमी देशन के दल में शामिल होखे के वार्ता खतम कर देहलें। उनके जोर रहे कि मास्को यानि कि रूस से फेर व्यापारिक समझौता कइल जाव।

2014 में यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सा में हिंसक प्रदर्शन भइल आ एह दरम्यान क्रिमिया आ डोनबास के पूर्वी क्षेत्र रूस के अधिकार में चल गइल, यूक्रेन के सेना अउरी रूस के समर्थन देबे वाला अलगाववादी दल के भिड़ंत भइल। एही साल यानुकोविच के हटा के उद्योगपति पेट्रो पोरोशेंको यूक्रेन के राष्ट्रपति बनलें। एकरा बाद यूक्रेन के अन्य यूरोपीय देशन के यूनियन से वार्ता शुरू भइल आ सेवा अउरी उत्पाद के मुक्त बाजार खुलल।

2019 के राष्ट्रपति चुनाव में पोरोशेंको के हरा के पूर्व कॉमेडियन वोलामिदीर जेलेन्सकी राष्ट्रपति बनलें अउरी यूक्रेन के पूर्वी सीमा पर चल रहल संघर्ष के खत्म करे के वादा कइलें। 2021 में उ अमेरिका में बनल बाइडन सरकार से यूक्रेन के नाटो में शामिल होखे खातिर अपील कइलें। ओही साल के मध्य में विपक्षी नेता अउरी रूस समर्थक विक्टर मेडमेडचुक पर सरकार प्रतिबंध लगवलस। एह सबके चलते रूस के कड़ा आपत्ति आइल। फेर पूर्वी सीमा पर यूक्रेन तुर्की में बनल बेरक्टर डीबी2 ड्रोन के इस्तेमाल कइलस। एकरा बाद रूसी सेना यूक्रेन के सीमा पर आपन जमावड़ा लगावल चालू कर देहलस। साल 2022 आवत रूस आ यूक्रेन के बीच बढ़ रहल विवादन के आग धधकत गइल। फेर फरवरी में रूस यूक्रेन के क्षेत्र डोनेत्स्क अउरी लुगंस्क के अलग देश के रूप में मान्यता दे देहलस। ओकरा बाद 24 फरवरी से रूस आ यूक्रेन के युद्ध शुरू हो गइल।

भविष्य में का होखे वाला बा, ई त अज्ञात बा। बाकिर जवन नुकसान यूक्रेन अउरी रूस के भइल बा, उ सदियों तक इतिहास के एगो करिया कागज लेखां रही। कई गो देश, जे में भारत भी अग्रणी भूमिका में बा, युद्ध विराम आ शांति बहाल खातिर लगातार प्रयास कर रहल बाड़ें।

Hey, like this? Why not share it with a buddy?

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


About us

भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति  के सरंक्षण, संवर्धन अउर विकास खातिर, देश के दशा अउर दिशा बेहतर बनावे में भोजपुरियन के योगदान खातिर अउर नया प्रतिभा के मंच देवे खातिर समर्पित  बा हम भोजपुरिआ। हम मतलब हमनी के सब। सबकर साथ सबकर विकास।

भोजपुरी के थाती, भोजपुरी के धरोहर, भूलल बिसरल नींव के ईंट जइसन शख्सियत से राउर परिचय करावे के बा। ओह लोग के काम के सबका सोझा ले आवे के बा अउर नया पीढ़ी में भोजपुरी  खातिर रूचि पैदा करे के बा। नया-पुराना के बीच सेतु के काम करी भोजपुरिआ। देश-विदेश के भोजपुरियन के कनेक्ट करी भोजपरिआ। साँच कहीं त साझा उड़ान के नाम ह भोजपुरिआ।


Contact us



Newsletter

Your Name (required)

Your Email (required)

Subject

Your Message